4 नवंबर 2026 का पंचांग: कार्तिक कृष्ण दशमी व ऐंद्र योग में श्री गणेश-विष्णु कृपा, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष उपाय
4 November 2026 ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार आज बुधवार का दिन है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश, जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु और बुध देव को समर्पित होता है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है (जो प्रातः 11:03 बजे तक रहेगी, उपरांत एकादशी तिथि आरंभ होगी)। आज के दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र तथा ऐंद्र योग उपरांत वैधृति योग का प्रभाव रहेगा। कार्तिक मास के पावन दिनों में बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने से बौद्धिक क्षमता, व्यापार में वृद्धि और समस्त विघ्नों का नाश होता है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
4 November 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- कार्तिक, अमांत- आश्विन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: दशमी (प्रातः 11:03 बजे तक), उपरांत एकादशी।
दिन: बुधवार।
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी।
योग: ऐंद्र (प्रातः 07:54 बजे तक), उपरांत वैधृति योग।
करण: विष्टि / भद्रा (प्रातः 07:05 बजे तक), उपरांत बव करण (सायं 06:40 बजे तक), तत्पश्चात बालव करण।
प्रविष्टे: 19 कार्तिक
ऋतु: वैदिक ऋतु - शरद, द्रिक ऋतु - हेमंत।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:44 बजे।
सूर्यास्त: सायं 05:25 बजे।
चन्द्रोदय: रात्रि 03:22 बजे (5 नवंबर प्रातः)।
चन्द्रास्त: दोपहर 03:57 बजे (4 नवंबर)।
चन्द्र राशि: चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात सिंह राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
4 नवंबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:07 से 05:56 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: बुधवार को सामान्यतः अभिजीत मान्य नहीं होता (शुभ कार्यों हेतु विजय व अमृत काल ग्राह्य हैं)।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:54 से 02:38 बजे तक।
अमृत काल: सायं 07:44 से रात्रि 09:18 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:25 से 05:50 बजे तक।
4 नवंबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: प्रातः 08:06 से 09:28 बजे तक।
कुलिक: पूर्वाह्न 10:49 से दोपहर 12:11 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक।
भद्रा: प्रातःकाल से प्रातः 07:05 बजे तक (स्वर्ग की भद्रा, पृथ्वी पर दोषमुक्त)।
वर्ज्यम्: पूर्वाह्न 10:29 से दोपहर 12:03 बजे तक।
4 नवंबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
कार्तिक कृष्ण दशमी: कार्तिक मास का पावन स्नान, यम तर्पण व नियम पालन।
रमा एकादशी व्रत संकल्प / पूर्वार्ध: प्रातः 07:05 बजे के बाद एकादशी तिथि का आरंभ।
बुधवार व्रत एवं गणेश पूजन: विघ्नहर्ता गणेश जी को 21 दूर्वा दल अर्पण एवं बुद्धि-व्यापार वृद्धि अनुष्ठान।
कार्तिक दीपदान: सायंकाल तुलसी चौरा, शिवालय एवं देवालयों में दीप प्रज्वलन।
4 नवंबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
कार्तिक मास के बुधवार पर प्रातः स्नान के उपरांत प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को 21 दूर्वा दल और मोदक का भोग लगाएं। इसके साथ ही भगवान विष्णु को पीले पुष्प व तुलसी दल अर्पित कर 'ॐ गं गणपतये नमः 'तथा 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र की एक माला जपें। सायंकाल तुलसी जी के पास गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं। हरी मूंग की दाल, हरी सब्जियां या हरे वस्त्र का दान करने और गाय को हरा चारा खिलाने से बुध दोष समाप्त होता है तथा व्यापार और बुद्धि में उन्नति होती है।
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