10 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय
AI सारांश
- 10 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
- सर्वपितृ अमावस्या
- आश्विन कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष की समाप्ति
10 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज शनिवार का दिन है। शनिवार का दिन कर्मफलदाता शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या (महालया अमावस्या) तिथि है और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का अंतिम दिन है। शनिवार के दिन शनिदेव और हनुमान जी की पूजा-आराधना करने, पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने तथा पितरों के निमित्त अन्न, जल व तिल का दान करने से शनि दोष दूर होते हैं, जीवन के समस्त कष्ट नष्ट होते हैं और पितरों का अक्षय आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
10 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण (रात 09:36 बजे तक), उपरांत शुक्ल पक्ष
तिथि: कृष्ण पक्ष की अमावस्या (रात 09:36 बजे तक), उपरांत शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि प्रारंभ।
दिन: शनिवार
नक्षत्र: हस्त (रात 09:42 बजे तक), उपरांत चित्रा नक्षत्र प्रारंभ।
योग: इन्द्र (रात 10:02 बजे तक), उपरांत वैधृति योग प्रारंभ।
करण: चतुष्पद (सुबह 09:24 बजे तक), उपरांत नाग करण (रात 09:20 बजे तक), फिर किस्तुघन।
प्रविष्टे: 24 आश्विन
ऋतु: वैदिक ऋतु - वर्षा, द्रिक ऋतु - शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:24 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:51 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 05:50 बजे
चन्द्रास्त: सायं 05:32 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा कन्या राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)।
सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।
10 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:49 से 05:37 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:31 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 03:35 से शाम 05:13 बजे तक।
10 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 01:34 से शाम 03:00 बजे तक।
कुलिक: सुबह 06:24 से 07:50 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 07:56 से 08:42 बजे तक।
वर्ज्यम्: सुबह 05:51 से 07:28 बजे तक एवं सुबह 05:58 से 07:37 बजे तक।
10 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
सर्वपितृ अमावस्या (महालया अमावस्या): पितृ पक्ष का अंतिम दिन, ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण एवं पिंडदान।
महालया श्राद्ध पक्ष पूर्ण: आश्विन कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष की समाप्ति।
शनिवार व्रत एवं शनि-हनुमान पूजन: कष्ट निवारण, शनि दोष मुक्ति एवं पितृ दोष शांति हेतु शनिदेव व हनुमान जी की विशेष पूजा।
10 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज शनिवार का दिन है और पितृ पक्ष की अति पावन 'सर्वपितृ अमावस्या' का महासंयोग है। प्रातः स्नान के पश्चात पीपल के वृक्ष के नीचे जल अर्पित करें, सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और उसमें काले तिल डालें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके कुशा, जल, काले तिल व दुग्ध मिलाकर अपने सभी ज्ञात व अज्ञात पितरों के निमित्त तर्पण करें। दोपहर के समय पंचबलि (गाय, कुत्ता, कौआ, देव एवं चींटी) के लिए भोजन निकालें तथा किसी निर्धन या ब्राह्मण को अन्न, काले वस्त्र, उड़द की दाल, जूते या छाते का दान करें। इस उपाय से शनि देव व पितरों के आशीर्वाद से घर के सभी क्लेश, रोग-दोष व बाधाएं समाप्त होती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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