16 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय
16 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार का दिन है। शुक्रवार का दिन असुर राजबली के गुरु, दैत्यगुरु शुक्राचार्य तथा धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है और शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। आज के दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप 'माता कात्यायनी' की पूजा-अर्चना की जाती है। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के पूजन, श्री सूक्त के पाठ तथा मां कात्यायनी की आराधना से भक्तों को यश, तेज, बल, सौंदर्य, वैवाहिक सुख और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
16 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: षष्ठी
दिन: शुक्रवार
नक्षत्र: मूल (सुबह 07:44 बजे तकर), उपरांत पूर्वाषाढा।
योग: शोभन (शाम 07:11 बजे तक), उपरांत अतिगण्ड योग।
करण: कौलव (दोपहर 02:08 बजे तक), तैतिल (रात 02:40 बजे तक), उपरांत गरज करण।
प्रविष्टे: 30 आश्विन
ऋतु: वैदिक ऋतु - शरद, द्रिक ऋतु - शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:29 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:45 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 10:59 बजे (16 अक्तूबर)
चन्द्रास्त: सायं 10:14 बजे (16 अक्तूबर)
चन्द्र राशि: चंद्रमा 16 अक्तूबर को सुबह 07:44 बजे तक वृश्चिक राशि में रहेगा, उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।
16 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:53 से 05:41 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:30 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 01:54 से 03:31 बजे तक।
आनन्दादि योग: मानस (सुबह 07:44 बजे तक), उपरांत पद्म योग।
16 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 03:00 से शाम 04:24 बजे तक।
कुलिक: सुबह 07:53 से 09:18 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:45 से 09:31 बजे तक एवं दोपहर 12:30 से 01:16 बजे तक।
वर्ज्यम्: रात्रि 10:48 से 12:26 बजे तक।
16 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
शारदीय नवरात्रि (षष्ठी): मां दुर्गा के छठे स्वरूप कात्यायन ऋषि की पुत्री 'माता कात्यायनी' की पूजा-अर्चना और साधना का पावन दिन।
शुक्रवार व्रत एवं महालक्ष्मी पूजन: सुख, शांति, वैभव और आर्थिक समृद्धि हेतु माता लक्ष्मी की विशेष आराधना।
16 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज शुक्रवार का दिन है और शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि का महासंयोग है। प्रातः स्नान के पश्चात मां लक्ष्मी के मंदिर या घर के पूजा स्थल पर कमल का फूल या लाल गुलाब अर्पित करें और श्री सूक्त का पाठ करें। इसके साथ ही नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं तथा उनके सिद्ध मंत्र 'ॐ देवी कात्यायनी नमः' का जाप करें। किसी सुहागिन महिला को श्रृंगार का सामान या सफेद वस्त्र का दान करें। इस उपाय से माता लक्ष्मी और मां कात्यायनी की कृपा से जीवन में वैभव, आकर्षण, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी तथा विवाह संबंधी बाधाएं दूर होंगी।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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