19 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय
19 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज सोमवार का दिन है। सोमवार का दिन देवाधिदेव महादेव भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की महानवमी (नवमी) तिथि है और शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
19 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी।
दिन: सोमवार
नक्षत्र: श्रवण (दोपहर 03:41 बजे तक), उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र।
योग: धृति (शाम 05:08 बजे तक), उपरांत शूल योग।
करण: बालव (शाम 06:21 बजे तक), उपरांत कौलव करण।
प्रविष्टे: 03 कार्तिक
ऋतु: वैदिक ऋतु - शरद, द्रिक ऋतु - शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:31 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:42 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 01:38 बजे (19 अक्तूबर)
चन्द्रास्त: रात्रि 01:02 बजे (20 अक्तूबर)
चन्द्र राशि: चंद्रमा 20 अक्तूबर प्रातः 04:36 बजे तक मकर राशि में रहेगा, उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
19 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:55 से 05:43 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:30 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 06:22 से 07:58 बजे तक।
आनन्दादि योग: मित्र (दोपहर 03:41 बजे तक), उपरांत मानस योग।
19 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 10:44 से दोपहर 12:08 बजे तक।
कुलिक: दोपहर 01:32 से 02:56 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:30 से 01:15 बजे तक एवं दोपहर 02:45 से शाम 03:30 बजे तक।
वर्ज्यम्: रात्रि 08:04 से 09:40 बजे तक।
19 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
शारदीय नवरात्रि (महानवमी): मां दुर्गा के नौवें स्वरूप 'माता सिद्धिदात्री' की विशेष पूजा-अर्चना और नवमी होम/हवन।
कन्या पूजन व नवमी पारण: महानवमी तिथि पर कन्या पूजन, हवन एवं नवरात्रि व्रत का पारण।
आयुध पूजा एवं वाहन पूजा: अस्त्र-शस्त्र, यंत्र, औजार तथा वाहनों के पूजन का पावन अवसर।
सोमवार व्रत एवं शिव पूजन: सुख, शांति और मनोकामना पूर्ति हेतु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं विशेष पूजन।
19 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज सोमवार का दिन है और शारदीय नवरात्रि की महानवमी तिथि का परम पवित्र योग है। प्रातः स्नान के पश्चात भगवान शिव का कच्चे दूध व गंगाजल से अभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें। इसके साथ ही नवरात्रि की नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री को तिल, हलवा, पूरी, खीर और नारियल का भोग लगाएं तथा उनके सिद्ध मंत्र 'ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः' या 'या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः' का जाप करें। आज हवन कुण्ड में आम की लकड़ी जलाकर दुर्गा सप्तशती के मंत्रों से आहुति दें और नौ कन्याओं एवं एक वटुक (भैरव) को भोजन कराकर तिलक लगाएं व दक्षिणा दें। इस उपाय से माता सिद्धिदात्री और भगवान शिव की कृपा से जीवन के समस्त अटके कार्य सिद्ध होंगे, अष्ट सिद्धियों का आशीर्वाद प्राप्त होगा और सुख-समृद्धि व यश की प्राप्ति होगी।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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