20 October 2026 ka Panchang: विजयादशमी के पावन पर्व पर जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विजय प्राप्ति का विशेष उपाय
20 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार का दिन है। मंगलवार का दिन संकटमोचन श्री हनुमान जी और मंगल देव को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है और अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व विजयादशमी (दशहरा) है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
20 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: दशमी (दोपहर 12:32 बजे तक), उपरांत एकादशी तिथि आरंभ
दिन: मंगलवार
नक्षत्र: धनिष्ठा (दोपहर 02:44 बजे तक), उपरांत शतभिषा नक्षत्र
योग: शूल (दोपहर 02:35 बजे तक), उपरांत गण्ड योग
करण: तैतिल (दोपहर 12:32 बजे तक), उपरांत गर करण
प्रविष्टे: 04 कार्तिक
ऋतु: वैदिक ऋतु - शरद, द्रिक ऋतु - शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:32 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:41 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 02:14 बजे (20 अक्तूबर)
चन्द्रास्त: रात्रि 02:04 बजे (21 अक्तूबर)
चन्द्र राशि: चंद्रमा कुंभ राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
पंचक विचार: पंचक 21 अक्तूबर 2026 (बुधवार) को प्रातः 07:00 बजे से प्रारंभ होगा (आज 20 अक्तूबर को पंचक प्रभावी नहीं है)।
20 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:56 से 05:44 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:30 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 से दोपहर 02:44 बजे तक (दशहरा पूजन एवं शस्त्र पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:41 से 06:06 बजे तक।
अमृत काल: रात्रि 11:20 से 12:54 बजे (21 अक्तूबर) तक।
आनन्दादि योग: मानस (दोपहर 02:44 बजे तक), उपरांत पद्म योग।
20 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 03:00 से सायं 04:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 09:19 से पूर्वाह्न 10:44 बजे तक।
कुलिक: पूर्वाह्न 12:07 से दोपहर 01:31 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:45 से 09:30 बजे तक एवं रात्रि 10:40 से 11:32 बजे तक।
वर्ज्यम्: दोपहर 01:45 से 03:20 बजे तक।
20 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
विजयादशमी (दशहरा): अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का महापर्व। भगवान श्री राम द्वारा रावण वध एवं मां दुर्गा द्वारा महिषासुर मर्दन का विजय उत्सव।
शमी व अपराजिता पूजन: विजय मुहूर्त में शमी वृक्ष एवं मां अपराजिता का विधिवत पूजन करने का पावन विधान।
दुर्गा विसर्जन: शारदीय नवरात्रि की मूर्तियों, कलश व ज्वारे के विसर्जन का शुभ दिवस।
मंगलवार व्रत व हनुमान पूजन: संकटों के निवारण हेतु श्री हनुमान जी की उपासना, सिंदूर अर्पण व सुंदरकांड पाठ।
20 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज विजयादशमी और मंगलवार का पावन संयोग है। अपराह्न अथवा विजय मुहूर्त में घर के ईशान कोण में अपराजिता देवी का पूजन करें और शमी वृक्ष के पास सरसों के तेल या शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। शमी के कुछ पत्ते तोड़कर घर के मंदिर और तिजोरी में रखें; इससे वर्षभर आरोग्य, धन-धान्य और कार्य में विजय की प्राप्ति होती है। साथ ही हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं, बूंदी का भोग लगाएं और सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस उपाय से शनि दोष, शत्रु बाधा और जीवन के समस्त अमंगल दूर होते हैं तथा साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। (20 October 2026 ka Panchang)
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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