21 अक्तूबर 2026 का पंचांग: पापांकुशा एकादशी पर जानें शुभ मुहूर्त, पंचक समय, राहुकाल और विशेष उपाय
21 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज बुधवार का दिन है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश, भगवान श्री हरि विष्णु और बुध देव को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अत्यंत पुण्यदायिनी पापांकुशा एकादशी तिथि है, जो समस्त पापों का अंकुश लगाकर मोक्ष और मनोवांछित फल प्रदान करने वाली मानी गई है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
21 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: एकादशी (प्रातः 10:48 बजे तक), उपरांत द्वादशी तिथि आरंभ।
दिन: बुधवार।
नक्षत्र: शतभिषा (दोपहर 02:08 बजे तक), उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र।
योग: गण्ड (दोपहर 12:22 बजे तक), उपरांत वृद्धि योग।
करण: वणिज (प्रातः 10:48 बजे तक), उपरांत विष्टि (भद्रा) करण।
प्रविष्टे: 05 कार्तिक।
ऋतु: वैदिक ऋतु - शरद, द्रिक ऋतु – शरद।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:33 बजे।
सूर्यास्त: सायं 05:40 बजे।
चन्द्रोदय: दोपहर 02:50 बजे (21 अक्तूबर)।
चन्द्रास्त: रात्रि 03:08 बजे (22 अक्तूबर)।
चन्द्र राशि: चंद्रमा कुंभ राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
पंचक विचार: पंचक आज 21 अक्तूबर 2026 (बुधवार) को प्रातः काल 07:00 बजे से प्रारंभ होगा और 25 अक्तूबर 2026 (रविवार) को सायं 07:22 बजे समाप्त होगा। बुधवार से प्रारंभ होने के कारण यह 'दोषमुक्त पंचक' माना जाता है।
21 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:57 से 05:45 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: बुधवार को सामान्यतः अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं होता (शुभ कार्यों के लिए विजय व अमृत काल उत्तम हैं)।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:58 से 02:43 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:40 से 06:05 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 07:28 से 09:05 बजे तक।
आनन्दादि योग: पद्म (दोपहर 02:08 बजे तक), उपरांत लुम्बक योग।
21 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:06 से 01:31 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 07:56 से 09:20 बजे तक।
कुलिक: पूर्वाह्न 10:43 से दोपहर 12:06 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:45 से दोपहर 12:30 बजे तक।
भद्रा: प्रातः 10:48 बजे से रात्रि 10:04 बजे तक (स्वर्गलोक की भद्रा, पृथ्वी पर दोषमुक्त)।
21 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
पापांकुशा एकादशी व्रत: आश्विन शुक्ल एकादशी पर भगवान श्री पद्मनाभ (विष्णु जी) का विधिवत व्रत, पूजन एवं कथा श्रवण।
बुधवार व्रत एवं गणेश पूजन: बुद्धि, ज्ञान और व्यापार में वृद्धि हेतु विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी की विशेष उपासना।
पंचक प्रारंभ: प्रातः 07:00 बजे से पंचक नियमों का पालन।
21 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज पापांकुशा एकादशी और बुधवार का अत्यंत कल्याणकारी संयोग है। प्रातःकाल स्नान के पश्चात भगवान श्री हरि विष्णु की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक जलाएं, उन्हें पीले पुष्प, तुलसी दल और पीले फल अर्पित करें तथा 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' अथवा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इसके साथ ही प्रथम पूज्य भगवान गणेश को 21 दूर्वा दल अर्पित कर बेसन या मोदक का भोग लगाएं। एकादशी के दिन अन्न दान (विशेषकर जरूरतमंदों को फल, वस्त्र या अनाज) करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है, समस्त पापों का शमन होता है तथा घर में सुख-समृद्धि व आरोग्य का वास होता है।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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