22 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय
22 September 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 22 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। मंगलवार का दिन संकटमोचन भगवान हनुमान जी को समर्पित होता है। आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-आराधना करने, सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करने और बूंदी/बेसन के लड्डू का भोग लगाने से व्यक्ति को संकटों से मुक्ति, पराक्रम, भूमि-भवन का सुख और जीवन में अपार सफलता प्राप्त होती है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
22 September 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- भाद्रपद, अमांत- भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल
तिथि: एकादशी (रात 09:43 बजे तक), उपरांत द्वादशी तिथि प्रारंभ।
दिन: मंगलवार
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (प्रातः 07:06 बजे तक), उपरांत श्रवण नक्षत्र प्रारंभ।
योग: अतिगण्ड (शाम 04:28 बजे तक), उपरांत सुकर्मा योग प्रारंभ।
करण: वणिज (सुबह 08:56 बजे तक), भद्रा / विष्टि (रात 09:43 बजे तक), उपरांत बव करण प्रारंभ।
प्रविष्टे: 06 आश्विन
ऋतु: वैदिक ऋतु - वर्षा, द्रिक ऋतु - शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:13 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:15 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 03:53 बजे
चन्द्रास्त: रात 01:38 बजे (23 सितंबर)
चन्द्र राशि: चंद्रमा मकर राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)।
सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:37 से 05:25 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:38 बजे तक।
अमृत काल: रात 12:01 से मध्यरात्रि 01:47 बजे (22 सितंबर) तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 03 से 04:30 बजे तक तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 10:44 से दोपहर 12:14 बजे तक।
कुलिक: दोपहर 01:44 से शाम 03:15 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:38 से 01:26 बजे तक एवं अपराह्न 03:03 से 03:51 बजे तक।
वर्ज्यम्: दोपहर 01:25 से शाम 03:11 बजे तक।
भद्रा: सुबह 08:56 से रात 09:43 बजे तक (स्वर्ग/पाताल भद्रा)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
परिवर्तिनी / वामन एकादशी (जलझूलनी एकादशी): भाद्रपद शुक्ल एकादशी पर भगवान विष्णु के वामन अवतार की विशेष पूजा-अर्चना व एकादशी व्रत का पालन।
मंगलवार व्रत एवं हनुमान पूजन: बल, बुद्धि, विद्या और संकटों के निवारण हेतु श्री हनुमान जी की विशेष आराधना।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
आज मंगलवार का दिन है और भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का अति शुभ संयोग है, इसलिए संकटों से मुक्ति और जीवन में समृद्धि प्राप्त करने के लिए प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अर्पित करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का पाठ करें। इसके साथ ही शाम के समय हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाकर 'हनुमान चालीसा' या 'संकट मोचन हनुमानष्टक' का पाठ करें। लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल फल का दान करना अत्यंत फलदायी रहेगा।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
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