23 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, पंचक स्थिति, राहुकाल और विशेष उपाय
23 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार का दिन है। शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है (जो प्रातःकाल तक रहेगी, उपरांत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी)। यह दिन मां भगवती लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति, भौतिक सुखों की वृद्धि और सौंदर्य-कला से जुड़े कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
23 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वादशी (दोपहर 02:36 बजे तक), उपरांत त्रयोदशी तिथि आरंभ।
दिन: शुक्रवार।
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (रात्रि 09:03 बजे तक), उपरांत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र।
योग: ध्रुव (रात्रि 10:08 बजे तक), उपरांत व्याघात योग।
करण: बालव (दोपहर 02:36 बजे तक), उपरांत कौलव करण।
प्रविष्टे: 07 कार्तिक।
ऋतु: वैदिक ऋतु - शरद, द्रिक ऋतु - शरद।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:33 बजे।
सूर्यास्त: सायं 05:37 बजे।
चन्द्रोदय: दोपहर 03:51 बजे (23 अक्तूबर)।
चन्द्रास्त: प्रातः 04:20 बजे (24 अक्तूबर)।
चन्द्र राशि: चंद्रमा दोपहर 03:03 बजे तक कुंभ राशि में रहेगा, उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
23 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:58 से 05:46 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 12:57 से 02:33 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:57 से 02:42 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:37 से 06:02 बजे तक।
23 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: पूर्वाह्न 10:42 से दोपहर 12:05 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 02:51 से सायं 04:14 बजे तक।
कुलिक: प्रातः 07:56 से 09:19 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:46 से 09:30 बजे तक एवं दोपहर 12:27 से 01:12 बजे तक।
वर्ज्यम्: सुबह 06:27 से 08:01 बजे तक।
23 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
प्रदोष व्रत (शुक्र प्रदोष): सायंकाल त्रयोदशी तिथि लगने से भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का पावन योग।
शुक्रवार व्रत एवं लक्ष्मी पूजन: धन, वैभव और भौतिक ऐश्वर्य में वृद्धि हेतु मां महालक्ष्मी का विशेष पूजन।
पंचक: 25 अक्तूबर सायं 07:22 बजे समाप्त तक।
23 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज शुक्रवार और प्रदोष व्रत का पावन संयोग है। प्रातःकाल स्नान के पश्चात मां महालक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें, उन्हें कमल अथवा श्वेत पुष्प अर्पित करें और खीर या मखाने का भोग लगाकर 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः' अथवा श्रीसूक्त का पाठ करें। सायंकाल प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में शिवालय जाकर शिवलिंग का कच्चे दूध व गंगाजल से अभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें। आज के दिन सफेद वस्तुएं जैसे चावल, चीनी या दूध का दान करने से शुक्र और चंद्र की अनुकूलता प्राप्त होती है, आर्थिक तंगी दूर होती है तथा परिवार में अखंड सुख-समृद्धि का वास होता है।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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