24 अक्तूबर 2026 का पंचांग: शनि प्रदोष फल, शुक्ल चतुर्दशी व पंचक के बीच जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और शनि कृपा का अचूक उपाय
24 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज शनिवार का दिन है। शनिवार का दिन कर्मफलदाता न्याय के देवता शनि देव और संकटमोचन श्री हनुमान जी को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 01:37 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा। दोपहर बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होने तथा शरद पूर्णिमा से ठीक पूर्व का दिन होने से मां लक्ष्मी और भगवान शिव-पार्वती की उपासना का विशेष फल मिलता है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
24 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: त्रयोदशी (दोपहर 01:37 बजे तक), उपरांत चतुर्दशी तिथि आरंभ।
दिन: शनिवार।
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (रात्रि 08:32 बजे तक), उपरांत रेवती नक्षत्र।
योग: व्याघात (रात्रि 08:00 बजे तक), उपरांत हर्षण योग।
करण: तैतिल (दोपहर 01:37 बजे तक), उपरांत गर करण।
प्रविष्टे: 08 कार्तिक।
ऋतु: वैदिक ऋतु - शरद, द्रिक ऋतु - हेमंत।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:34 बजे।
सूर्यास्त: सायं 05:36 बजे।
चन्द्रोदय: सायं 04:20 बजे (24 अक्तूबर)।
चन्द्रास्त: प्रातः 05:24 बजे (25 अक्तूबर)।
चन्द्र राशि: चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात मीन राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
24 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:59 से 05:47 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 03:50 से सायं 05:23 बजे तक।
24 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 09 बजे से 10:30 बजे तक। (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 01:28 से 02:50 बजे तक।
कुलिक: प्रातः 06:34 से 07:57 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:02 से 08:47 बजे तक।
वर्ज्यम्: सुबह 06:27 से 08:01 बजे तक।
24 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
आश्विन शुक्ल चतुर्दशी: शरद पूर्णिमा से पूर्व की पावन चतुर्दशी तिथि का आरंभ (दोपहर 01:37 बजे से)।
शनिवार व्रत व शनि आराधना: शनि देव की कुदृष्टि, साढ़ेसाती व ढैय्या के शमन हेतु विशेष पूजन।
हनुमान उपासना: शनि दोष निवारण एवं संकट मुक्ति हेतु सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ।
पंचक: 25 अक्तूबर सायं 07:22 बजे समाप्त होगा।
24 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज शनिवार का दिन है और चंद्रमा मीन राशि (पंचक) में संचरण कर रहे हैं। प्रातःकाल स्नानादि के उपरांत पीपल के वृक्ष में जल व थोड़ा कच्चा दूध अर्पित करें और सायंकाल सरसों के तेल का चौमुखी दीपक प्रज्वलित कर सात बार परिक्रमा करें। शनि मंदिर में जाकर शनि चालीसा का पाठ करें अथवा 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र की एक माला जपें। श्री हनुमान जी को सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित कर बूंदी का भोग लगाएं। आज के दिन काले तिल, उड़द की दाल या काले वस्त्र का किसी जरूरतमंद को दान करने से शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या के कुप्रभाव शांत होते हैं, रुके हुए कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में स्थायित्व व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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