हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले: सुक्खू सरकार भरेगी 14 हजार पद, जानिए स्वर्ण पदक विजेता रितु नेगी सहित आज लिए ये बड़े फैसले
HP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, खिलाड़ियों, महिलाओं और किसानों के हित में कई ऐतिहासिक और दूरगामी फैसले लिए गए। बैठक में करीब 200 एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श के बाद लगभग 14,000 नए पदों को भरने की हरी झंडी दी गई। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इन सभी 14 हजार पदों को आगामी मार्च माह तक भर लिया जाएगा।
सरकार ने अब तक करीब 32 हजार नौकरियां प्रदान की हैं, 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया पहले से जारी है और शनिवार को स्वीकृत 14 हजार पदों के साथ सरकार चालू वित्त वर्ष के अंत तक 50 हजार युवाओं को रोजगार देने के अपने लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
खेल नीति में बड़ा संशोधन: रितु नेगी को मिलेगा 1 करोड़ का नकद पुरस्कार
राज्य मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतने वाली टीमों के खिलाड़ियों हेतु नकद पुरस्कार नियमों में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। संशोधित नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हिमाचल के सभी पात्र खिलाड़ियों के बीच पुरस्कार राशि को बराबर बांटा जा सकेगा, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के बराबर राशि मिलेगी। इस निर्णय के साथ ही एशियाई खेलों में महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली सिरमौर की बेटी रितु नेगी को भी अब अन्य तीन हिमाचली खिलाड़ियों की तर्ज पर 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने पदक विजेता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी (DYSSO) के पद सृजित करने को भी स्वीकृति दे दी है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग में बंपर भर्तियों को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए सीबीएसई से 100 नए स्कूलों को जोड़ने का निर्णय लिया है, जिसके तहत नई योजना आधारित भर्ती के माध्यम से 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षक पदों को भरा जाएगा। उच्च शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज काडर) के 320 बैकलॉग पदों को भरने को मंजूरी मिली है। तकनीकी शिक्षा विभाग में असिस्टेंट लेक्चरर के 40 और असिस्टेंट क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के 120 पद भरे जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक विस्तार करते हुए स्टाफ नर्सों के 500 पद, विशेषज्ञ डॉक्टरों के 40 पद, मेडिकल कॉलेजों में 40 रेडियोग्राफर, टांडा मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ व सुपर स्पेशलिस्ट के 24 पद, 13 क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और 6 परफ्यूजनिस्ट के पद स्वीकृत किए गए हैं। चंबा में 60 सीटों वाला बीएससी नर्सिंग कॉलेज स्थापित होगा और ऊना के पंजोआ में पीएचसी खोलने की मंजूरी दी गई है।
जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग में भी बड़े पैमाने पर तकनीकी और फील्ड स्टाफ की तैनाती होगी। जल शक्ति विभाग में 4,090 पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती होगी, जिनमें 1,242 पंप ऑपरेटर, 1,845 बेलदार, 344 चौकीदार, 175 सफाई कर्मी, 87 कुक और 40 पैरा हेल्पर शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग में मल्टी टास्क वर्कर के 172 पद और सहायक अभियंता के 10 पद सृजित किए गए हैं। वन विभाग में वन रक्षक के 500 पद, रेंज अधिकारी के 10 पद और असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड नीति के तहत 500 पदों को भरने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसके अलावा आबकारी विभाग, सहकारिता, लॉटरी, निर्वाचन और पशुपालन विभाग में भी विभिन्न श्रेणियों के सैकड़ों पदों को मंजूरी दी गई है।
एसएमसी व कंप्यूटर शिक्षकों का नियमितीकरण और होमगार्ड्स को बड़ी राहत
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत एसएमसी शिक्षकों और आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षकों को सीमित सीधी भर्ती नीति के तहत नियमित करने का बड़ा निर्णय लिया है, जिसके लिए 700 पदों को मंजूरी दी गई है। छूटे हुए एसएमसी पीजीटी और टीजीटी के लिए एलडीआर परीक्षा आयोजित की जाएगी। पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे होमगार्ड जवानों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने कांस्टेबल भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से छूट प्रदान की है।
मानदेय में बढ़ोतरी, आपदा पैकेज और किसानों-मछुआरों को सौगात
सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल देते हुए मंत्रिमंडल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10,500 से बढ़ाकर 11,500 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 5,800 से बढ़ाकर 6,800 रुपये प्रति माह कर दिया है। वन मित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (SPO) का मानदेय 500 रुपये प्रति माह बढ़ाया गया है। शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी गई है।
दूध उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए मिल्क इंसेंटिव सहायता 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है तथा सरकारी विभागों को दुग्ध उत्पाद मिल्कफेड से खरीदना अनिवार्य किया गया है। जलाशयों के मछुआरों के लिए 'मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना' के तहत मछली पर 100 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है, जिसमें 20 रुपये तक प्रति किलो सब्सिडी का प्रावधान रहेगा। इसके अतिरिक्त सोलन में वर्षा आधारित कृषि के विकास प्रोजेक्ट हेतु 603 करोड़ की फंडिंग, न्यूट्रिशन पॉलिसी 2026, सुजानपुर होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और पीएम पोषण योजना के कुक-कम-हेल्पर्स को साल में 12 दिन का आकस्मिक अवकाश देने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।
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