Kinnaur News: राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कंडार गांव के 47 विस्थापित परिवारों को बांटे भूमि के मालिकाना पट्टे, मकान निर्माण के लिए दिए 3.56 लाख से अधिक के चेक
Kinnaur News: किन्नौर जिले के निचार उपमंडल के 1892 कंडार नामक स्थान पर सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत एक विशेष वितरण समारोह आयोजित किया गया। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कंडार गांव के 47 विस्थापित परिवारों को भूमि के मालिकाना पट्टे (Land Ownership Titles) वितरित किए।

इस अवसर पर सागर सैन, सुदेश कुमार, बाजी राम, गुलाब सिंह, ज्ञान सिंह, सूरत लाल, राम लाल, रवि कान्त, रघुवीर, दिवान सिंह, गंगा सरण, ज्ञान चन्द, सुख चैन, हुकम लाल, जिया लाल, मैना राम, सन्तोष कुमार, देव राम, जितेन्द्र कुमार, सन्दीप कुमार, गोविन्द सिंह, पदम सिंह, विनय सिंह, अमर चन्द, हरी चन्द, देविन्द्र सिंह, भजन लाल, विद्या सागर, सुन्दर लाल, हिम्मत सिंह, प्रताप सिंह, हिरा देवी, भगवान सिंह, ज्ञान सागर, चिराग, त्वरिक राम, हरमन सिंह, सतीश कुमार, डोलमा देवी, महेन्द्र सिंह, राजकुमार, परस राम, प्रेम सिंह, केहर सिंह, भगवार दास और मनोहर लाल सहित सभी विस्थापित परिवारों को भूमि का कानूनी अधिकार सौंपा गया। इसके साथ ही मंत्री ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड की ओर से मकान निर्माण के लिए अंतिम किस्त के रूप में प्रत्येक परिवार को तीन लाख 56 हजार रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता के चेक भी प्रदान किए।

15/20 क्षेत्र के सभी पंचायत गांव संपर्क सड़कों से जुड़े
समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान में 15/20 क्षेत्र के सभी पंचायत गांव संपर्क सड़कों से जुड़ चुके हैं। उन्होंने घोषणा की कि कंडार गांव को भी 1892 कंडार से विस्थापित कंडार तक संपर्क सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में शामिल करने के उद्देश्य से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है, और भविष्य में इस विस्थापित गांव को भी पक्की सड़क से जोड़ दिया जाएगा।
बागवानी अपनाकर आर्थिकी मजबूत करें किसान
किसानों और बागवानों का आह्वान करते हुए मंत्री ने कहा कि वे अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक बागवानी गतिविधियों को अपनाएं। उन्होंने सेब की बागवानी में नए रूटस्टॉक अपनाने पर जोर दिया, जिससे मात्र तीन से चार वर्षों में ही फसल मिलनी शुरू हो जाती है। सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
नौतोड़ और वन अधिकारों पर चर्चा
नौतोड़ भूमि के मुद्दे पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पात्र लोगों को भूमि संबंधी अधिकार प्रदान करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। नौतोड़ मामलों का समाधान निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है ताकि जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके। इसके अलावा, वन अधिकार अधिनियम, 2006 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत पात्र अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों की मान्यता और संरक्षण का प्रावधान है। जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर नियमानुसार मामलों को आगे बढ़ाना चाहिए।
जन समस्याएं सुनीं और महिला मंडल को दी आर्थिक सहायता
दौरे के दौरान जन शिकायत निवारण मंत्री के रूप में उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कंडार महिला मंडल को सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 15 हजार रुपये देने की घोषणा की।

समारोह में ये भी रहे मौजूद
इस अवसर पर उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) निचार नेहा नेगी, उपमंडलीय पुलिस अधिकारी निचार वरुण पटियाल, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निचार अनिल नेगी, स्थानीय पंचायत प्रधान सुदर्शना नेगी, उपप्रधान जय राम नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
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