मुख्यमंत्री के स्पीति दौरे से पहले गरमाई सियासत: भाजपा मंडल अध्यक्ष डेम्डुल गटुक ने रंगरिक सोलर प्रोजेक्ट के ट्रायल और बजट पर उठाए सवाल
Lahaul Spiti News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रस्तावित स्पीति दौरे से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। स्पीति भाजपा मंडल के अध्यक्ष डेम्डुल गटुक ने रंगरिक सोलर प्रोजेक्ट के उद्घाटन की जल्दबाजी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे और फोटो खिंचवाने से पहले जनता को विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का जवाब मिलना चाहिए।
डेम्डुल गटुक ने आरोप लगाया कि जिस रंगरिक सोलर प्रोजेक्ट के उद्घाटन की तैयारियां चल रही हैं, उसकी बैटरियां दो बार शॉर्ट हो चुकी हैं। इसके बैटरी बैकअप को लेकर महज ढाई घंटे की बात सामने आ रही है और इसके ट्रायल की विश्वसनीयता पर भी संदेह है। उन्होंने मांग की कि इस परियोजना का उद्घाटन कम से कम 15 दिनों का सफल ट्रायल पूरा होने के बाद ही किया जाना चाहिए।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि स्पीति कोई ऐसी प्रयोगशाला नहीं है, जहाँ जनता की वास्तविक जरूरतों को दरकिनार कर अधूरी तैयारियों के बीच केवल राजनीतिक दिखावे के लिए उद्घाटन कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पहले भी आनन-फानन में इस परियोजना के उद्घाटन की तैयारी की गई थी, लेकिन जनता के हितों से खिलवाड़ कर इस प्रकार की औपचारिकताएं पूरी करना ठीक नहीं है।
इसके साथ ही उन्होंने ट्राइबल सब-प्लान (Tribal Sub-Plan) के बजट को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अभी तक ट्राइबल सब-प्लान के बजट की पुस्तक तक प्रकाशित नहीं हुई है और स्पीति के विकास कार्यों के लिए मिलने वाले बजट का स्पष्ट विवरण जनता के सामने नहीं आया है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या स्पीति के हिस्से में केवल उद्घाटन समारोह ही बचे हैं या धरातल पर कोई वास्तविक बजट भी स्वीकृत हुआ है।
सरकार के समक्ष रखे गए प्रमुख सवाल
डेम्डुल गटुक ने मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सरकार से निम्नलिखित पांच स्पष्ट सवाल पूछे हैं:
रंगरिक सोलर प्रोजेक्ट का 15 दिन का सफल ट्रायल क्यों नहीं कराया जा रहा है?
बैटरी शॉर्ट होने की घटनाओं के बाद सुरक्षा और गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है?
बैटरी बैकअप की वास्तविक क्षमता क्या है और इसकी गारंटी कौन देगा?
ट्राइबल सब-प्लान के बजट का पूरा विवरण जनता के सामने कब आएगा?
स्पीति के विकास कार्यों के लिए वास्तविक बजट कितना स्वीकृत हुआ है?
अंत में उन्होंने दो टूक कहा कि स्पीति की जनता को खोखले आश्वासनों की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर दिखाई देने वाला ठोस विकास चाहिए। सरकार को उद्घाटन की राजनीति छोड़कर पहले परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और बजट की पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
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