15 September 2026 Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 15 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। मंगलवार का दिन संकटमोचन भगवान श्री हनुमान जी और मंगल ग्रह को समर्पित होता है। आज भाद्रपद शुक्ल पंचमी तिथि पर 'ऋषि पंचमी' का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। मंगलवार के दिन हनुमान जी का पूजन, सुंदरकांड का पाठ और हनुमान चालीसा का जाप करने से जीवन के सभी भय, रोग, दोष और संकट दूर होते हैं तथा साहस और ऊर्जा में वृद्धि होती है।

ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।

 

15 September 2026 Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत- भाद्रपद, अमांत- भाद्रपद

पक्ष: शुक्ल

तिथि: चतुर्थी (प्रातः 07:44 बजे तक), उपरांत पंचमी तिथि प्रारंभ।

दिन: मंगलवार

नक्षत्र: स्वाति (दोपहर 03:21 बजे तक), उपरांत विशाखा नक्षत्र प्रारंभ।

योग: इन्द्र (दोपहर 12:19 बजे तक), उपरांत वैधृति योग प्रारंभ।

करण: विष्टि / भद्रा (प्रातः 07:44 बजे तक), बव (रात 08:17 बजे तक), उपरांत बालव करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 30 भाद्रपद

ऋतु: वैदिक ऋतु - वर्षा, द्रिक ऋतु - शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:09 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:23 बजे

चन्द्रोदय: प्रातः 10:05 बजे (15 सितंबर)

चन्द्रास्त: सायं 08:38 बजे

चन्द्र राशि: चंद्रमा तुला राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)।

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सूर्य राशि: सूर्य देव सिंह राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:34 से 05:22 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 से दोपहर 12:41 बजे तक।

अमृत काल: प्रातः 06:00 से 07:41 बजे तक।

आनन्दादि योग: ध्वजा / केतु (दोपहर 03:21 बजे तक), उपरांत श्रीवत्स योग।

 

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: दोपहर बाद 03:20 से शाम 04:51 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: सुबह 09:13 से 10:44 बजे तक।

कुलिक: दोपहर 12:16 से 01:48 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:36 से 09:25 बजे तक एवं रात 11:06 से 11:53 बजे तक।

वर्ज्यम्: रात 09:25 से 11:09 बजे तक।

भद्रा: प्रातः 06:09 बजे से प्रातः 07:44 बजे तक।

 

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

ऋषि पंचमी: सप्तऋषियों की विशेष पूजा-अर्चना का पावन पर्व, जिससे जाने-अनजाने में हुए पापों का नाश होता है।

मंगलवार व्रत एवं हनुमान पूजन: बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति के लिए संकटमोचन हनुमान जी का पूजन।

 

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

चूंकि आज मंगलवार का दिन है और भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर 'ऋषि पंचमी' का शुभ संयोग है, इसलिए जीवन में सभी प्रकार के विघ्न-बाधाओं से मुक्ति और आरोग्यता प्राप्त करने के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएं और उन्हें सिंदूर व लाल पुष्प अर्पित करें। इसके साथ ही 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का जाप करें या हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऋषि पंचमी के अवसर पर भगवान गणेश और सप्तऋषियों का स्मरण कर फल या चने का दान करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।

हरि ॐ

 

अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।

 

प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़

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