Himachal News: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस शासित राज्यों और उनके नेताओं पर वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है। डॉ. बिंदल ने कहा कि उत्तराखंड से लेकर कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश तक कांग्रेस नेताओं तथा सत्ता से जुड़े लोगों पर उठ रहे सवाल अनेक शंकाएं पैदा कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जो देशभर में संविधान और पारदर्शिता की दुहाई देता है, वही कसौटी अपने नेताओं और सरकारों पर भी लागू करे।

डॉ. बिंदल ने उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री के सहयोगी से जुड़े यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई और सीज की गई 1.28 करोड़ रुपये की संपत्ति का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कर्नाटक में मंत्री सतीश जारकीहोली के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी में 3.3 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी और विदेशी मुद्रा बरामदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने की वकालत की।

 

हिमाचल में ब्यास नदी ड्रेजिंग और स्टोन क्रशर पर उठाए सवाल

हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में बात करते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी संसाधनों, माइनिंग, ड्रेजिंग और ठेकों में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से ब्यास नदी में ड्रेजिंग के नाम पर हो रहे खनन का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि बेस वैल्यू की राशि जमा हुई या नहीं, बैंक गारंटी की क्या स्थिति है और कैबिनेट स्तर पर वन विभाग के माध्यम से माइनिंग करवाने का निर्णय इतनी जल्दबाजी में क्यों लिया गया?

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इसके अलावा बिंदल ने जयसिंहपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में मंत्री की कथित व्यावसायिक हिस्सेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय संबंधित स्वीकृतियों, पर्यावरण क्लीयरेंस और कमर्शियल रिकॉर्ड को सार्वजनिक किया जाए।

 

विपक्ष के सवालों पर पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही सरकार: डॉ. बिंदल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के तथ्यात्मक उत्तर देने के बजाय राजनीतिक प्रतिशोध और पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है और भाजपा जनता के धन तथा प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार को इन सभी मामलों की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। यदि कहीं भी वित्तीय गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य मिलते हैं तो केंद्रीय जांच एजेंसियों को जांच सौंपी जानी चाहिए। भाजपा की मांग है कि हिमाचल के संसाधनों का हिसाब जनता के सामने पारदर्शी तरीके से रखा जाए।