Himachal News: हिमाचल प्रदेश की शिमला जिला पुलिस ने कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा न्यायिक प्रक्रियाओं में फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट की तामील करते हुए शोघी-आनंदपुर क्षेत्र से एक आरोपी को दबोच लिया है। यह पूरी कार्रवाई 'पंजाब नेशनल बैंक (PNB) नीरथ बनाम मीना राम' से जुड़े लंबे समय से लंबित मामले में अंजाम दी गई है।

माननीय न्यायालय के कड़े रुख के बाद पुलिस प्रशासन लगातार ऐसे भगोड़ों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार कानून व्यवस्था को सख्त बनाने और न्यायिक आदेशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने के लिए शिमला पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है।

 

2 लाख रुपये के बैंक देनदारी मामले में जारी हुआ था वारंट

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, माननीय अदालत की ओर से आरोपी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। इस वारंट का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस थाना ननखड़ी की विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने 27 सितंबर को सटीक रणनीति और गुप्त सूचना के आधार पर शोघी-आनंदपुर क्षेत्र में दबिश देकर 40 वर्षीय मीना राम को मौके पर ही हिरासत में ले लिया।

 

रामपुर बुशहर की अदालत में किया जा रहा पेश

आरोपी मीना राम (40), पुत्र कर्म चन्द, निवासी तहसील ननखड़ी, जिला शिमला का मामला पंजाब नेशनल बैंक नीरथ की लगभग 2 लाख रुपये की राशि की अदायगी न करने से जुड़ा हुआ है। पुलिस की टीम आरोपी को गिरफ्तार कर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM) रामपुर बुशहर की अदालत में पेश कर रही है। शिमला पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय द्वारा जारी वारंटों की तामील और भगोड़ों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का यह सिलसिला आगे भी मुस्तैदी से जारी रहेगा।

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