नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सोलन पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला: दोषी को 20 साल का कठोर कारावास, 40 हजार रुपये जुर्माना
Himachal News: नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर अगवा करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के करीब पांच साल पुराने मामले में सोलन की फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पॉक्सो) कनिका चावला की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 40,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 1 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। यह मामला वर्ष 2021 में पुलिस थाना बद्दी में दर्ज किया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की जानकारी देते हुए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बी.एस. नेगी ने बताया कि 12 जुलाई 2021 को पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना बद्दी में एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने उनकी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर बहलाया-फुसलाया और उसका अपहरण कर ले गया। इसके बाद आरोपी ने विभिन्न स्थानों पर नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर बद्दी पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने पीड़िता को दस्तयाब कर मेडिकल करवाया और आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया था।
19 गवाहों की गवाही पर मुरादाबाद के दोषी को सजा
मुकदमे की नियमित सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। अभियोजन पक्ष ने मेडिकल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों को मजबूती से अदालत के समक्ष रखा। सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने आरोपी अनुभव उर्फ मोनू, निवासी अकबरपुर खास, डाकघर सुनाई, जिला मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी पाया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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