हिमाचल में स्थापित होगा इंडो-न्यूजीलैंड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: न्यूजीलैंड की आधुनिक तकनीक से विकसित होंगी रोग प्रतिरोधी नर्सरियां, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त के साथ की उच्चस्तरीय बैठक
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के आधुनिकीकरण और सेब, कीवी तथा नाशपाती के उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से शिमला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में राज्य के तीन दिवसीय प्रवास पर आए छह सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में बागवानी के विविध आयामों, आधुनिक तकनीकों के समावेश और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य में हजारों परिवार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बागवानी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कृषि तकनीकों का लाभ सीधे बागवानों तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। न्यूजीलैंड के तकनीकी सहयोग से प्रदेश में बागवानी के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण फल उत्पादन को गति मिलेगी।
15 करोड़ की लागत से बनेगा इंडो-न्यूजीलैंड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
बैठक के दौरान बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि इंडो-न्यूजीलैंड कृषि परियोजना के अंतर्गत राज्य में 15 करोड़ रुपये की प्रस्तावित लागत से 'इंडो-न्यूजीलैंड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र प्रदेश में सेब, कीवी और नाशपाती की खेती के वैज्ञानिक एवं आधुनिक विस्तार में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
न्यूजीलैंड की आधुनिक तकनीक से विकसित होंगी रोग प्रतिरोधी नर्सरियां
परियोजना का मुख्य उद्देश्य न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीकी दक्षता का उपयोग कर स्थानीय नर्सरियों को रोग मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के अनुकूल बनाना है। आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बाजार की मांग के अनुरूप सेब, कीवी और नाशपाती के उन्नत पौध तैयार किए जाएंगे, जिससे किसानों को विश्वस्तरीय पौध सामग्री सुलभ हो सकेगी।
पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन और बागवानों के कौशल उन्नयन पर जोर
इस साझेदारी के तहत एकीकृत पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट (फसल कटाई के बाद के प्रबंधन) की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके और बेहतर बाजार मूल्य मिले। इसके अलावा, राज्य के बागवानों और किसानों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम और एक्सपोजर विजिट्स आयोजित की जाएंगी।
सिरमौर के राजगढ़ का दौरा करेगा प्रतिनिधिमंडल, जमीन का होगा मूल्यांकन
न्यूजीलैंड का प्रतिनिधिमंडल परियोजना के तहत प्रस्तावित विभिन्न स्थलों की भौगोलिक स्थितियों का सटीक वैज्ञानिक आकलन करने के लिए मैदान में उतरेगा। इसी क्रम में दल जिला सिरमौर के राजगढ़ क्षेत्र का दौरा करेगा। बैठक में न्यूजीलैंड के विशेष कृषि व्यापार दूत नाथन गाइ, काउंसिलर जेम्स वॉ, कृषि साझेदारी प्रबंधक प्रियम अरोड़ा, सुश्री डेनियल, लैकलन तथा बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक विद्या प्रकाश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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