30 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय
30 September 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य श्री गणेश जी और बुध ग्रह को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का चौथा दिन है। आज के दिन चतुर्थी तिथि का श्राद्ध एवं तर्पण किया जाएगा। बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश जी की पूजा-आराधना करने, उन्हें दूर्वा अर्पित करने और पितरों के निमित्त तर्पण व दान करने से बुद्धि, विवेक, विघ्नों का नाश और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।
30 September 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण
तिथि: चतुर्थी (दोपहर 03:22 बजे तक), उपरांत पंचमी तिथि प्रारंभ।
दिन: बुधवार
नक्षत्र: भरणी (सुबह 08:12 बजे तक), उपरांत कृतिका नक्षत्र प्रारंभ।
योग: हर्षण (प्रातः 03:20 बजे तक), उपरांत वज्र योग प्रारंभ।
करण: बालव (प्रातः 04:14 बजे तक), कौलव (दोपहर 03:22 बजे तक), उपरांत तैतिल करण प्रारंभ।
प्रविष्टे: 14 आश्विन
ऋतु: वैदिक ऋतु - वर्षा, द्रिक ऋतु - शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:19 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:04 बजे
चन्द्रोदय: सायं 08:15 बजे (30 सितंबर)
चन्द्रास्त: सुबह 10:50 बजे (1 अक्टूबर)
चन्द्र राशि: चंद्रमा दोपहर 01:52 बजे तक मेष राशि पर, तत्पश्चात वृषभ राशि पर गोचर करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:43 से 05:31 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं (बुधवार को अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं होता)।
अमृत काल: रात 11:15 से 12:47 बजे तक (1 अक्टूबर)।
आनन्दादि योग: चर (सुबह 08:12 बजे तक), उपरांत सुस्थिर योग।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 12 से 01:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 07:47 से 09:15 बजे तक।
कुलिक: सुबह 10:43 से दोपहर 12:11 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 बजे तक।
वर्ज्यम्: दोपहर 01:25 से 02:57 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
चतुर्थी तिथि श्राद्ध: आश्विन कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि का श्राद्ध एवं पितृ तर्पण।
संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत: बुद्धि, ऋद्धि-सिद्धि और विघ्न विनाश हेतु भगवान श्री गणेश की विशेष पूजा-आराधना।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
आज बुधवार का दिन है और पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि (संकष्टी चतुर्थी) का पावन संयोग है, इसलिए प्रातः स्नान के बाद भगवान श्री गणेश जी के समक्ष दीपक जलाएं और उन्हें दूर्वा एवं मोदक या बेसन के लड्डू अर्पित करें। 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त जल में तिल और कुशा डालकर तर्पण करें तथा मूंग की दाल, हरे वस्त्र या फल का दान किसी निर्धन अथवा ब्राह्मण को करें। इससे श्री गणेश जी की कृपा से सभी विघ्न दूर होंगे और पितरों के आशीर्वाद से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहेगी।
हरि ॐ
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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