Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 'उच्चतर शिक्षा में सुधार' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन का रविवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने की। उन्होंने उच्चतर शिक्षा विभाग और प्रदेश भर से आए प्राचार्यों को सम्मेलन के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि ऐसे मंच शिक्षण संस्थानों को एक-दूसरे की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नवाचारों से सीखने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न डिग्री कॉलेजों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त परिसर और सतत विकास की दिशा में किए गए नवाचारों की सराहना की गई। शिक्षा सचिव ने उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए संसाधनों के बेहतर उपयोग, आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विद्यार्थियों को समाज से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में हरित ऊर्जा के अधिकाधिक उपयोग और खेल व शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर शुरू की गई रैंकिंग व्यवस्था से संस्थानों को स्व-मूल्यांकन करने में बड़ी मदद मिल रही है।

कुल्लू में उच्चतर शिक्षा में सुधार पर आयोजित सम्मेलन के समापन अवसर पर संबोधित करते शिक्षा सचिव राकेश कंवर

 

महाविद्यालयों और विद्यालयों के बीच साझा होंगे संसाधन

शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि महाविद्यालयों और उच्च विद्यालयों के बीच उपलब्ध शैक्षणिक व बुनियादी संसाधनों की साझेदारी की एक स्थायी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं आधुनिक लैब, पुस्तकालयों और खेल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्राध्यापकों से तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया ताकि देश-विदेश के विषय-विशेषज्ञों का लाभ सीधे छात्रों को मिल सके।

 

एक्सपोजर विजिट से बदल रही विद्यार्थियों की सोच

राकेश कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रदेश में विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए 'एक्सपोजर विजिट' कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इसके तहत राज्य के मेधावी छात्रों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शैक्षणिक और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का मौका मिल रहा है। प्राचार्यों के सुझाव पर उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में महाविद्यालय के प्राध्यापकों और शिक्षकों को भी ऐसे एक्सपोजर विजिट पर भेजने के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

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'कम बैक टू रूट्स' से जुड़ेंगे युवा

युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा सचिव ने कॉलेजों में एंटी-ड्रग अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों में अपनी स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत के प्रति गर्व महसूस कराने के लिए 'कम बैक टू रूट्स' भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि महाविद्यालयों की सभी नवाचारपूर्ण पहलों और प्रगति की रिपोर्ट एक पारदर्शी ऑनलाइन डैशबोर्ड पर उपलब्ध होनी चाहिए ताकि उनकी नियमित समीक्षा की जा सके।

 

नीतिगत मुद्दों और सुझावों पर प्राचार्यों के साथ हुआ खुला संवाद सत्र

समारोह के अंतिम सत्र में प्रदेश भर से आए प्राचार्यों के साथ एक खुला संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, ढांचागत सुधारों और विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उपायों पर गहन चर्चा हुई। शिक्षा सचिव ने प्राचार्यों के सभी सुझावों को सहानुभूतिपूर्वक सुनकर कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया। समापन अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सुनीता सिंह सहित उच्चतर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व शिक्षाविद उपस्थित रहे।

 

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