Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। शनिवार को धर्मशाला में सर्वाधिक 46 मिमी, कल्पा में 20.8 मिमी, भरेई में 18.2 मिमी, बंगाणा में 13.6 मिमी, धौलाकुआं में 11 मिमी और राजधानी शिमला में 9.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी शिमला में ठंड बढ़ने के कारण स्थानीय लोग और पर्यटक गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 27 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सिरमौर जिले के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अलावा शिमला, सोलन, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, बिलासपुर और किन्नौर जिले में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। वहीं 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 29 सितंबर के बाद मौसम साफ होने से मानसून की विदाई का मार्ग प्रशस्त होगा।

 

मानसून सीजन में 149 लोगों की मौत और 3,219 करोड़ का नुकसान

इस मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 26 सितंबर तक राज्य को भारी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। इस अवधि में भूस्खलन, बाढ़ और डूबने जैसी घटनाओं के कारण कुल 149 लोगों की जान गई है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड सहित सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को करीब 3,219.82 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

 

प्रदेश में 39 सड़कें बंद, बिजली और पेयजल योजनाएं बहाल

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश भर में कुल 39 सड़कें भूस्खलन व अन्य कारणों से बंद पड़ी हैं। इनमें सर्वाधिक सड़कें मंडी जिले में 18, कांगड़ा में 7, कुल्लू में 6, ऊना में 3, लाहौल-स्पीति में 2, सिरमौर में 2 और शिमला जिले में 1 सड़क बाधित है। राहत की बात यह है कि राज्य भर में सभी बिजली ट्रांसफार्मर और पेयजल आपूर्ति योजनाएं पूरी तरह से बहाल हैं और सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं।

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किन्नौर की चोटियों पर सीजन का पहला हिमपात, सेब बागवान चिंतित

जनजातीय जिले किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सर्दी के मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। शनिवार को सीमांत गांव छितकुल और कुन्नू-चरंग में ताजा बर्फबारी हुई, जबकि जिला मुख्यालय रिकांगपिओ, भावानगर और टापरी जैसे निचले इलाकों में दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। इस अचानक हुई बर्फबारी और बारिश ने कल्पा तथा पूह विकास खंडों में सेब तुड़ाई में जुटे बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। तुड़ाई और फसल को मंडियों तक पहुंचाने का कार्य प्रभावित हुआ है तथा बागवानों को सेब के पेड़ों को नुकसान पहुंचने का डर सता रहा है। हालांकि जिले में सभी मुख्य मार्ग यातायात के लिए सुचारू हैं।


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