Himachal Weather: सितंबर में ही विंटर जैसे हालात, किन्नौर-स्पीति में हिमपात, 61 सड़कें ठप और 137 ट्रांसफार्मर बंद, सेब बागवानों की बढ़ी चिंता, यैलो अलर्ट जारी
Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम ने अचानक भयानक करवट ले ली है। शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर काले बादल छाए रहे और कई इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। वहीं, उच्च पर्वतीय और जनजातीय इलाकों में सीजन का पहला हिमपात होने से समूचा राज्य शीतलहर और भीषण ठंड की चपेट में आ गया है। किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ-साथ स्पीति घाटी के काजा, मुद और चिचम में बर्फबारी दर्ज की गई है। किन्नौर के कल्पा में पारा गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राज्य में मौसम अगले कुछ दिनों तक खराब बना रहेगा। मौसम विभाग ने सोमवार को किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए भारी बारिश व बर्फबारी का यैलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। हालांकि, 1 से 3 अक्तूबर तक मौसम साफ रहने और मानसून की आधिकारिक विदाई होने का अनुमान जताया गया है।
61 सड़कें और 137 ट्रांसफार्मर ठप
मौसम के इस तल्ख रुख के कारण राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश भर में 61 मुख्य सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिनमें लाहौल-स्पीति की 25 और मंडी की 19 सड़कें शामिल हैं। नाको के समीप मलिंग नाले के पास दरकती पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण रिकांगपिओ-काजा मार्ग बंद कर दिया गया है। इसके अलावा टापरी के पास पागल नाले में मलबे के साथ एक वाहन फंसने से राष्ट्रीय राजमार्ग ठप हो गया है। प्रदेश में 137 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं, जिनमें सर्वाधिक किन्नौर (59) और सिरमौर (58) में हैं।
सांगला की रूपिन घाटी में फंसी 2500 भेड़-बकरियां
बर्फबारी के चलते सांगला की रूपिन घाटी में डोडरा-क्वार क्षेत्र के चरवाहों की करीब 2500 भेड़-बकरियां और घोड़े बर्फ में फंस गए हैं, जिनमें से अत्यधिक ठंड से 250 मवेशियों के मारे जाने की आशंका है। तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह के अनुसार रेस्क्यू टीमों ने वहां पहुंचकर चरवाहों को सुरक्षित निकाला है। उधर, छितकुल में 2 से 3 इंच और कूनो चारंग में 7 इंच तक बर्फबारी हुई है। छितकुल के रानी कंडा में हिमस्खलन से छितकुल-दुमती सीमावर्ती मार्ग पूरी तरह कट गया है और कूनो चारंग में बिजली गुल है।
सेब बागवानों की बढ़ी चिंता
मौसम के इस अचानक मिजाज बदलने से कल्पा और पूह के सेब उत्पादक गहरी चिंता में हैं, क्योंकि इन दिनों सेब तुड़ाई का पीक सीजन चल रहा है। बारिश और बर्फबारी से तुड़ाई और मंडियों तक फसल पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
मानसून सीजन में अब तक 149 लोगों की मौत, 3220 करोड़ का भारी नुकसान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 3,219.90 करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो चुकी है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 2,744.67 करोड़ और जल शक्ति विभाग को 385.67 करोड़ की क्षति हुई है। आपदाओं के कारण 149 लोगों की मौत हुई है, जबकि सड़क हादसों में 220 लोगों ने जान गंवाई है।
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