बाबा बालक नाथ रविवार पूजा विधि और महत्व: जानें मंत्र, भोग और धार्मिक मान्यताएं
विशाल
रविवार का दिन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ बाबा बालक नाथ जी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हिमाचल प्रदेश स्थित दियोट सिद्ध धाम बाबा जी के सबसे प्रमुख सिद्धपीठों में गिना जाता है, जहाँ वर्षभर श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ती रहती है। मान्यता है कि बाबा बालक नाथ जी अपने भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण कर जीवन में सुख, शांति एवं सुरक्षा प्रदान करते हैं।
ग्रीष्म ऋतु में पूजन प्रातःकाल अथवा सायंकाल करना उत्तम माना गया है। स्नान कर स्वच्छ एवं हल्के वस्त्र धारण करें तथा पूजन स्थल को स्वच्छ रखें। बाबा जी के चित्र अथवा प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक एवं धूप/मिठा धूप प्रज्वलित करें। पूजा में रोट, गुड़, चने, केले तथा शीतल जल अर्पित करना शुभ माना गया है। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मीठे जल, दूध अथवा छाछ का भोग भी लगाया जा सकता है, ठंडे मीठे पेय का दान भी फलदायी रहता है
“ॐ सिद्ध बाबा बालकनाथाय नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें तथा जरूरतमंदों को जल एवं फल वितरित करें। श्रद्धा, सेवा एवं सद्भावना के साथ किया गया पूजन मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
हरि ॐ
Himachal News की ताजा खबरों और वीडियो अपडेट्स के लिए हमारे Himachal News को फॉलो और YouTube चैनल Himachal News TV को Subscribe करें।



