नई दिल्ली/कोलकाता: भारत के लोकतांत्रिक कैलेंडर का सबसे बड़ा दिन आज आ गया है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में महीनों तक चले तूफानी प्रचार और मतदान के बाद, आज ‘ईवीएम’ (EVM) का पिटारा खुलेगा। सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली यह मतगणना तय करेगी कि इन पांच राज्यों की सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी।
पश्चिम बंगाल: क्या ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाए रखने में कामयाब होंगी, या भाजपा की ‘परिवर्तन’ की लहर बंगाल में नया इतिहास रचेगी?
तमिलनाडु: यहाँ मुकाबला बेहद दिलचस्प है। क्या डीएमके (DMK) अपना दबदबा कायम रखेगी, या सुपरस्टार से नेता बने विजय अपनी नई राजनीतिक पारी से सभी समीकरण बिगाड़ देंगे?
असम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में क्या भाजपा दोबारा वापसी करेगी?
केरल: क्या यहाँ कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन (UDF) सत्ता में वापसी करेगा, या वामपंथी अपना किला बचाने में सफल होंगे?
पुड्डुचेरी: इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश में जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, इस पर सबकी नज़रें हैं।
काउंटडाउन शुरू: कैसे होगी मतगणना?
निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुबह 8:00 बजे सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होने के ठीक 30 मिनट बाद यानी 8:30 बजे से EVM के वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। सुबह 9:00 बजे से आधिकारिक रुझान आने शुरू हो जाएंगे। दोपहर 12:00 से 2:00 बजे के बीच स्पष्ट हो जाएगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बनने जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर सभी मतगणना केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और विजय जुलूसों को लेकर चुनाव आयोग के सख्त दिशा-निर्देश लागू हैं।
सत्ता का समीकरण: क्या कहते हैं जानकार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के परिणाम न केवल इन राज्यों का भविष्य तय करेंगे, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी एक मजबूत नैरेटिव सेट करेंगे। बंगाल की ‘दीदी’ से लेकर तमिलनाडु के ‘थलापति’ विजय तक, आज का दिन भारतीय राजनीति में कई बड़े बदलावों का गवाह बन सकता है।
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