हिमाचल में बादल फटने की घटनाओं का होगा वैज्ञानिक अध्ययन, CM सुक्खू ने HPU सेंटर को दिए विशेष निर्देश
शिमला: हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से बादल फटने की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक उच्च स्तरीय बैठक में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के ‘हिमालयन सेंटर फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड रेजिलिएंस’ को विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन करने के निर्देश जारी किए हैं।
बादल फटने की घटनाओं का होगा एरियल-डिस्टेंस विश्लेषण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बादल फटने की घटनाएं अब एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। उन्होंने सेंटर को निर्देश दिए कि वे इन घटनाओं के पीछे के कारणों, जैसे- बांधों का प्रभाव, तापमान में बदलाव और भौगोलिक परिस्थितियों का गहन अध्ययन करें। इसके लिए एरियल-डिस्टेंस आधारित विश्लेषण (Aerial-Distance Analysis) तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन के लिए ₹17 करोड़ का बजट मंजूर
राज्य की तकनीकी और वैज्ञानिक क्षमता को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने उन्होंने संस्थागत सुदृढ़ीकरण और क्षमता विस्तार के लिए अतिरिक्त 10 करोड़, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के लिए 6 करोड़, ग्लेशियल लेक स्टडी के लिए 1 करोड़ रुपये को भी मंजूरी प्रदान की। CM ने स्पष्ट किया कि भविष्य में आपदा से संबंधित सभी अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियां इसी सेंटर के माध्यम से संचालित की जाएंगी।
बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता होगी कम: जगत सिंह नेगी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बैठक में कहा कि हिमाचल को भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़ी बाढ़ के अध्ययन के लिए अब बाहरी एजेंसियों पर निर्भर नहीं रहना होगा। उन्होंने सेंटर द्वारा मंडी के थुनाग क्षेत्र के लिए विकसित हाइड्रोडायनामिक मॉडल की सराहना की, जो फ्लैश फ्लड की पूर्व चेतावनी देने में सक्षम होगा।
विशेषज्ञों की होगी नई भर्ती
हिमालयन सेंटर को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने तकनीकी और विषय विशेषज्ञों की भर्ती के भी निर्देश दिए हैं। यह सेंटर अब न केवल रिसर्च करेगा, बल्कि आपदा के बाद ‘पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट’ (PDNA) में भी सरकार की मदद करेगा।
बैठक में मौजूद रहे
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, HPTDC के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, HPU के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और सेंटर के निदेशक प्रो. एन. एस. नेगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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