18 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 18 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
18 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– श्रावण, अमांत– आषाढ़
तिथि: आषाढ़ मास (अमांत) के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि (रात 09:34 बजे तक, तत्पश्चात पंचमी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: मघा
योग: साध्य योग (दोपहर 03:22 बजे तक, तत्पश्चात शुभ योग प्रारंभ)
करण: वणिज (सुबह 10:14 बजे तक), विष्टि/भद्रा (रात 09:34 बजे तक), तत्पश्चात बव प्रारंभ।
दिन: शनिवार
प्रविष्टे: 3 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:35 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:19 बजे
चन्द्रोदय: सुबह 08:52 बजे
चन्द्रास्त: रात्रि 10:14 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा सिंह राशि में संचार करेंगे (पूरा दिन-रात)।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:59 से 04:47 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:55 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 से 03:40 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:18 से 07:40 बजे तक।
अमृत काल: रात 09:44 से 11:15 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: सुबह 09:01 से 10:44 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 02:10 से 03:53 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 05:35 से 06:30 बजे तक, तथा इसके बाद सुबह 06:30 से 07:25 बजे तक।
भद्रा / विष्टि: सुबह 10:14 बजे से रात 09:34 बजे तक भद्रा रहेगी (स्वर्ग लोक की भद्रा, जो शुभ कार्यों में वर्जित मानी जाती है)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
गुप्त नवरात्रि (चौथा दिन): 15 से 23 जुलाई तक चलने वाली गुप्त नवरात्रि का आज चौथा दिन है, जो मां कुष्मांडा की विशेष साधना को समर्पित है।
विनायक चतुर्थी व्रत: आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना और व्रत रखने का विधान है, जिसे वैनायकी या विनायक चतुर्थी कहा जाता है।
गंडमूल नक्षत्र: आज रात 12:20 बजे तक मघा नक्षत्र होने के कारण गंडमूल दोष रहेगा। इस अवधि में जन्मे शिशुओं की अरिष्ट शांति के लिए गंडमूल शांति पूजा करवाना कल्याणकारी होता है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज शनिवार का दिन है और साथ ही गुप्त नवरात्रि व विनायक चतुर्थी का पावन संयोग बन रहा है, इसलिए जीवन में आने वाले संकटों, विघ्नों और शनि दोष से मुक्ति के लिए आज शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। भगवान गणेश को दूर्वा (दूब घास) और मोदक अर्पित करें। इसके साथ ही, शनि देव के मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ तथा गणेश जी के मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का 108 बार जप करें। आज के दिन काले तिल या उड़द की दाल का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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