09 May 2026 Ka Panchang: जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग पढ़ने से न केवल शुभ-अशुभ समय का ज्ञान होता है, बल्कि ग्रहों की चाल समझकर हम अपने कार्यों को सुगम बना सकते हैं। आज शनिवार का दिन है, जो न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। साथ ही, आज कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पावन संयोग भी बन रहा है।
अगर आप आज कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो पहले आज के शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति अवश्य देख लें।
आज की तिथि और नक्षत्र (Panchang Details)
आज ज्येष्ठ मास (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का उदय हो रहा है।
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: सप्तमी दोपहर 02:03 बजे तक, उसके उपरांत अष्टमी।
नक्षत्र: श्रवण रात्रि 11:24 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा।
योग: शुक्ल
करण: बव (दोपहर 02:03 तक), फिर बालव।
दिन: शनिवार
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:34 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:01 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा आज मकर राशि में गोचर करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य मेष राशि में विराजमान हैं।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
किसी भी मांगलिक कार्य को शुरू करने के लिए नीचे दिए गए समय का लाभ उठाएं:
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:57 से 04:45 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ): प्रातः 11:50 से दोपहर 12:44 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 12:23 से 02:08 बजे तक।
आज के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
अशुभ समय में नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:
राहुकाल: सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक।
यम गण्ड: दोपहर 01:58 से 03:39 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: प्रातः 07:22 से 08:15 बजे तक।
प्रमुख व्रत और पर्व (Vrat & Tyohar)
- कालाष्टमी व्रत
आज भगवान शिव के रौद्र अवतार काल भैरव की पूजा का दिन है। शास्त्रों के अनुसार, कालाष्टमी का व्रत निशिता काल (मध्यरात्रि) की पूजा के लिए जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय और अज्ञात भय से मुक्ति मिलती है।
- मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान श्री कृष्ण का पूजन किया जाता है। आज का दिन लड्डू गोपाल की सेवा और उनके आशीर्वाद प्राप्ति के लिए बहुत उत्तम है।
आज का विशेष उपाय (Astrology Remedy)
शनि दोष से मुक्ति: आज के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और तेल का दान करें।
काल भैरव पूजन: रात के समय भगवान काल भैरव को इमरती का भोग लगाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहाँ दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणना पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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