14 May 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग पढ़ने से न केवल शुभ-अशुभ समय का ज्ञान होता है, बल्कि ग्रहों की चाल समझकर हम अपने कार्यों को सुगम बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 14 मई 2026 को कोई नया काम शुरू करने जा रहे हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज के शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति अवश्य देख लें। पंचांग के अनुसार कार्य करना आपके लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: त्रयोदशी (रात 09:25 तक, तत्पश्चात चतुर्दशी)
नक्षत्र: अश्विनी (शाम 05:07 तक, तत्पश्चात भरणी)
योग: सौभाग्य (दोपहर 12:47 तक, तत्पश्चात शोभन)
करण: गर (सुबह 09:12 तक), वणिज (रात 09:25 तक)
दिन: बृहस्पति वार
प्रविष्टे: 31 वैशाख
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:31 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:04 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 03:02 बजे (15 मई)
चन्द्रास्त: दोपहर 04:31 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य मेष राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए नीचे दिए गए समय का चयन करना लाभकारी रहता है:
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:06 से 04:48 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:45 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 से 03:27 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:03 से 07:24 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 09:42 से 11:21 तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
सफलता के लिए अशुभ समय में शुभ कार्यों से बचना चाहिए:
राहुकाल: दोपहर 01:59 से 03:40 बजे तक (इस समय नया कार्य शुरू न करें)।
यम गण्ड: प्रातः 05:31 से 07:12 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:02 से 10:56 बजे तक, फिर दोपहर 03:27 से 04:21 बजे तक।
प्रमुख व्रत और पर्व: प्रदोष व्रत
आज वैशाख कृष्ण प्रदोष व्रत है। बृहस्पति वार के दिन होने के कारण इसे ‘गुरु प्रदोष’ कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज बृहस्पति वार है और साथ ही प्रदोष व्रत का संयोग है, तो यह दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए उत्तम है:
शिवलिंग पर जल: आज शाम के समय (प्रदोष काल) में शिवलिंग पर शुद्ध जल और बेलपत्र अर्पित करें।
पीली वस्तुओं का दान: बृहस्पति वार होने के कारण चने की दाल या केसरिया मिठाई का दान करना शुभ रहेगा।
दीप दान: शाम के समय शिव मंदिर में घी का दीपक जलाएं, इससे मानसिक शांति और कार्य सिद्धि होती है।
‘रोग पंचक‘ की समाप्ति
ध्यान रहे कि पिछले 5 दिनों से चल रहा पंचक आज समाप्त हो रहा है।
समाप्ति: 14 मई 2026, गुरुवार को शाम 05:07 PM पर।
सावधानी: शाम 05:07 बजे तक दक्षिण दिशा की यात्रा और नए निर्माण कार्यों से बचें, इसके पश्चात समय अनुकूल है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
Himachal News की ताजा खबरों और वीडियो अपडेट्स के लिए हमारे Himachal News को फॉलो और YouTube चैनल Himachal News TV को Subscribe करें।

