वैश्विक तेल संकट का भारत पर असर: क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से मालवाहक जहाजों की आवाजाही में आ रही दिक्कतों के कारण वैश्विक तेल संकट गहरा गया है। इसका सीधा असर अब भारत में देखने को मिल रहा है। भारतीय तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने शनिवार को 10 दिनों के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Prices) में भारी बढ़ोतरी की है।
इस ताजा वृद्धि के बाद हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार पहुँच गई है, जिससे आम जनता और टैक्सी ऑपरेटरों में हाहाकार मच गया है।
महानगरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट्स (Fuel Prices in Metro Cities)
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट की वजह से लागत बढ़ी है। शनिवार से लागू नई दरें इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल का नया रेट (प्रति लीटर) | डीजल का नया रेट (प्रति लीटर) |
| शिमला | ₹100 के पार | दरों में भारी वृद्धि |
| दिल्ली | ₹99.51 (87 पैसे महंगा) | ₹98.64 (91 पैसे महंगा) |
| कोलकाता | ₹110.64 | वृद्धि लागू |
| चेन्नई | ₹105.31 | वृद्धि लागू |
नोट: कंपनी ने अपने प्रीमियम पेट्रोल की कीमत भी बढ़ाकर ₹106.63 प्रति लीटर कर दी है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम करीब ₹3 बढ़ाए गए थे, जिसके बाद 19 मई को भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टैक्सी कारोबार गहरे संकट में
लगातार बढ़ रहे दामों से हिमाचल प्रदेश का टैक्सी व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि तेल महंगा होने से उनका मुनाफा खत्म हो रहा है, वहीं किराए में बढ़ोतरी करने पर सवारियां नहीं मिल रही हैं। पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने आ रहे आम उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई से लेकर सफर तक, महंगाई अब बर्दाश्त से बाहर हो रही है।
पीएम मोदी की देशवासियों से अपील: खपत कम करने की सलाह
गौरतलब है कि इस गंभीर वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देश की जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक परिवहन) का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील कर चुके हैं।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और टैक्सी कारोबार संकट में
लगातार बढ़ रहे दामों से हिमाचल प्रदेश का टैक्सी व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि तेल महंगा होने से उनका मुनाफा खत्म हो रहा है, वहीं किराए में बढ़ोतरी करने पर सवारियां नहीं मिल रही हैं। पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने आ रहे आम उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई से लेकर सफर तक, महंगाई अब बर्दाश्त से बाहर हो रही है। गौरतलब है कि इस गंभीर संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देश की जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील कर चुके हैं।
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