16 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 16 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
16 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– श्रावण, अमांत– आषाढ़
तिथि: आषाढ़ मास (अमांत) के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि (रात 09:22 बजे तक, तत्पश्चात तृतीया तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र (रात 11:39 बजे तक, तत्पश्चात आश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ)
योग: वज्र योग (शाम 05:43 बजे तक, तत्पश्चात सिद्धि योग प्रारंभ)
करण: बालव (सुबह 08:31 बजे तक), कौलव (रात 09:22 बजे तक) तत्पश्चात तैतिल प्रारंभ।
दिन: बृहस्पतिवार
प्रविष्टे: 1 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:33 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:20 बजे
चन्द्रोदय: सुबह 06:41 बजे
चन्द्रास्त: रात्रि 08:52 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा कर्क राशि में संचार करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं (कर्क संक्रांति)।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:57 से 04:45 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:55 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 से 03:40 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:19 से 07:41 बजे तक।
अमृत काल: शाम 04:54 से 06:39 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 02:08 से शाम 03:51 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 05:33 से 07:16 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:10 से 11:05 बजे तक, तथा इसके बाद दोपहर 03:40 से 04:35 बजे तक।
भद्रा / विष्टि: आज भद्रा का साया नहीं है।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
श्रावण मास प्रारंभ व कर्क संक्रांति: आज से सौर श्रावण मास का आरंभ हो रहा है क्योंकि सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं।
पुष्य नक्षत्र (गुरु पुष्य योग): आज गुरुवार के दिन नक्षत्रों के राजा ‘पुष्य’ का संयोग बन रहा है, जिससे बेहद शुभ ‘गुरु-पुष्य अमृत योग’ का निर्माण हो रहा है। यह समय नई शुरुआत, खरीदारी, स्वर्ण निवेश और आध्यात्मिक साधना के लिए सर्वोत्कृष्ट माना गया है।
जगन्नाथ रथ यात्रा द्वितीया: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा का पावन उत्सव मनाया जाता है, जो श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज गुरुवार का दिन है और साथ ही बेहद दुर्लभ ‘गुरु पुष्य योग’ का महासंयोग बन रहा है, अतः जीवन में सुख-समृद्धि, ज्ञान और धन की वृद्धि के लिए आज सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाएं। उन्हें केसर का तिलक लगाएं और पीले फूल व चने की दाल-गुड़ का भोग अर्पित करें। गुरु-पुष्य योग की शुभता का लाभ उठाने के लिए ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या गुरु मंत्र का जाप करें। आज के दिन किया गया दान या निवेश चिरस्थायी सुख प्रदान करता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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