29 मई: ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 29 मई वर्ष का 149वां (लीप वर्ष में यह 150वां) दिन है। साल में अभी 216 दिन शेष हैं। भारत और विश्व इतिहास में 29 मई का खास महत्व है, क्योंकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
आज का इतिहास में जानिए आज के दिन जन्मे चर्चित व्यक्ति, प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन, युद्ध संधि, किसी देश की आजादी, नई तकनिकी का अविष्कार, सत्ता का बदलना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस के बारे में। आईए हिमाचल न्यूज़ में पढ़ें भारत और विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज 29 मई का इतिहास एवं घटनाक्रम।
29 मई की प्रमुख घटनाएं (What Happened on 29 May in History)
1953: दो इंसानों ने पृथ्वी की सबसे ऊंची जगह माउंट एवरेस्ट पर पाई थी फतह, दुनिया को 4 दिन बाद हुई इसकी खबर
तारीख 29 मई 1953 और दिन के 11 बजकर 30 मिनट… न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी और नेपाल के शेरपा तेनजिंग नोर्गे ठीक इसी पल माउंट एवरेस्ट पर पहुंचे। पूरी दुनिया इस पल को ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर याद करती है। आज इस कारनामे को हुए 68 साल हो गए हैं। ये अभियान ब्रिटेन की ओर से था। पूरी दुनिया को ये खबर 4 दिन बाद 2 जून को मिली। इस दिन ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ द्वितीय का राज्याभिषेक भी था।
29 हजार 32 फीट ऊंचा माउंट एवरेस्ट हिमालय की सबसे ऊंची चोटी है। बेहद सर्द मौसम, सीधी चढ़ाई और बर्फीले तूफानों की वजह से काफी प्रयासों के बाद भी इस चोटी पर कोई भी इंसान नहीं पहुंच पाया था। 1921 में ब्रिटेन ने ही एक अभियान के तहत पर्वतारोहियों का एक दल माउंट एवरेस्ट पर भेजा था। दल अपने मिशन पर था, लेकिन एक भयानक बर्फीले तूफान ने दल का रास्ता रोक दिया। पूरा दल मिशन अधूरा छोड़कर लौट आया। इस कोशिश को सफलता नहीं मिली, लेकिन दल में शामिल जॉर्ज ले मेलरी ने चोटी तक पहुंचने का थोड़ा आसान रास्ता देख लिया था।
अगले साल मेलरी फिर माउंट एवरेस्ट फतह करने निकल पड़े। इस बार 27 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गए, लेकिन फिर मौसम ने साथ नहीं दिया। इस तरह एवरेस्ट को फतह करने की कोशिशें चलती रहीं। 1952 में तेनजिंग नोर्गे ने 28 हजार 210 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर कारनामा जरूर किया था, लेकिन माउंट एवरेस्ट की चोटी अभी भी दूर थी।
अगले साल ब्रिटेन ने कर्नल जॉन हंट की अगुआई में एक दल को माउंट एवरेस्ट पर भेजने की तैयारी की। तेनजिंग नोर्गे और एडमंड हिलेरी भी इसी दल का हिस्सा थे। इस दल को पूरी तैयारी के साथ माउंट एवरेस्ट फतह करने भेजा गया।
अप्रैल 1953 में दल ने चढ़ाई शुरू की। दल 26 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच चुका था। आगे का रास्ता और भी कठिन था। 26 मई को दल के ही 2 लोग चार्ल्स इवांस और टोम बोर्डिलन ने आखिरी चढ़ाई शुरू की। चोटी से करीब 300 फीट की दूरी पर ऑक्सीजन मास्क में खराबी आने की वजह से दोनों को वापस लौटना पड़ा।
28 मई को एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे ने चढ़ाई शुरू की। दिनभर की चढ़ाई के बाद 27 हजार 900 फीट की ऊंचाई पर भीषण बर्फीले तूफान और सर्दी के बीच रात गुजारी। सुबह फिर चढ़ाई शुरू की और 9 बजे तक दोनों उत्तरी शिखर पर पहुंच गए थे। इन दोनों और माउंट एवरेस्ट के बीच अब 40 फीट ऊंची एक बर्फीली चट्टान खड़ी थी। हिलेरी रस्सी की मदद से चट्टान के बीच की एक दरार से होते हुए ऊपर पहुंच गए। उन्होंने वहां से रस्सी फेंकी। नोर्गे रस्सी पकड़कर ऊपर आए। साढ़े 11 बजे दोनों दुनिया के शिखर पर थे।
1972: पृथ्वीराज कपूर का निधन
साल 1960…इस साल एक फिल्म रिलीज हुई थी, नाम था मुगल-ए-आजम। इस फिल्म को हिन्दी सिनेमा की कालजयी फिल्मों में गिना जाता है। जितनी फेमस फिल्म हुई उतना ही फेमस फिल्म का एक डायलॉग भी हुआ। अकबर कहते हैं “सलीम तुझे मरने नहीं देगा, और हम अनारकली तुझे जीने नहीं देंगे”। डॉयलाग के पीछे आवाज थी पृथ्वीराज कपूर की। आज उनकी पुण्यतिथि है।
पाकिस्तान के लयालपुर में पैदा हुए पृथ्वीराज कपूर वैसे तो पेशावर के एडवर्ड कॉलेज में वकालत की पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन दिल थिएटर में लगता था। इसलिए कुछ पैसे उधार लेकर पाकिस्तान से मुंबई आ गए। पहला लीड रोल मिला साल 1929 में आई फिल्म ‘सिनेमा गर्ल’ में। इसके 2 साल बाद फिल्म आई ‘आलम आरा’ और इसी के साथ सिनेमा बोलने लगा। पृथ्वीराज भी इस फिल्म का हिस्सा थे।
पृथ्वीराज को फिल्मों से ज्यादा दिलचस्पी थिएटर में थी। लिहाजा फिल्मों के साथ-साथ कई थिएटर से भी जुड़े रहे। आखिरकार 1944 में खुद का थिएटर शुरु किया, नाम था – पृथ्वी थिएटर। कालिदास का लिखा हुआ ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम’ इस थिएटर के स्टेज पर प्रदर्शित होने वाला पहला नाटक था। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में नौजवानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी पृथ्वी थिएटर ने कई नाटकों का मंचन किया।
हर नाटक के मंचन के बाद पृथ्वीराज कपूर थिएटर के बाहर एक थैला लेकर खड़े हो जाते थे। इसमें नाटक देखने के बाद निकलने वाले लोग कुछ पैसे डाल दिया करते थे। इसी से थिएटर का खर्चा चलता था। अगले 16 सालों तक थिएटर ने भारत के 112 शहरों में 5982 दिनों में कुल 2662 शो किए। थिएटर के हर शो में पृथ्वीराज कपूर ने लीड रोल प्ले किया। 1960 में पृथ्वीराज कपूर के खराब स्वास्थ्य की वजह से थिएटर को बंद करना पड़ा।
29 मई सन 1972 को 64 साल की उम्र में कैंसर से पृथ्वीराज कपूर का निधन हो गया। हिंदी सिनेमा और थिएटर में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए 1972 में उन्हें मरणोपरांत दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण से भी सम्मानित किया।
2015: भारत में हीट वेव ने ली 2300 से ज्यादा जानें
साल 2015 की भीषण गर्मी ने भारत के कई राज्यों में 2300 से भी ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। सबसे ज्यादा मौतें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हुईं। ओडिशा के झारसुगुडा में पारा 49.5 डिग्री को छू गया था। साल 2015 में भारत के किसी भी क्षेत्र में ये सबसे ज्यादा तापमान था। इस हीट वेव से इंसानों के साथ जानवरों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। अकेले तेलंगाना में ही 50 लाख मुर्गियों की मौत हो गई।
सबसे ज्यादा मौतें कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले मजदूरों, नौकरीशुदा, बुजुर्ग और बच्चों की हुई थी। इस हीट वेव से पाकिस्तान में भी करीब 1 हजार लोगों की मौत हुई। इंटरनेशनल डिजास्टर डेटाबेस वेबसाइट EM-DAT के मुताबिक ये हीट वेव इतिहास की 5वीं सबसे भीषण हीट वेव थी।
साभार: दैनिक भास्कर
देश-विदेश में 29 मई को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है
1727: पीटर-II 11 साल की उम्र में रूस का जार बना।
1985: यूरोपीय फुटबॉल कप के दौरान दो टीमों के प्रशंसकों के बीच हुई झड़प में 39 लोगों की मौत हो गई।
1988: पाकिस्तान के राष्ट्रपति जिया उल हक ने सरकार को बर्खास्त कर संसद को भंग किया।
1999: नाइजीरिया में नागरिक सत्ता की स्थापना।
2002: गुजरात के अहमदाबाद में 4 बम धमाके हुए। करीब 39 लोगों की मौत हुई।
2004: म्यांमार में चक्रवाती तूफ़ान ने 140 लोगों की जान ली।
2007: जापान की रियो मोरी मिस यूनिवर्स 2007 बनीं।
2008: इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट माइस्पेस के साथ ई-मेल सम्बन्धी समझौता किया।
2008: नेपाली सरकार ने राजतंत्र का अन्त कर गणतंत्र की घोषणा करते हुए शाही महलों सहित देश के सभी भागों से राजतंत्र के सभी चिह्न हटाते हुए राष्ट्रध्वज को मान्यता दी।
29 मई को जन्मे व्यक्ति (Born on 29 May)
1865: रामानन्द चैटर्जी – पत्रकारिता जगत के एक पुरोगामी शख्सियत थे। वे कोलकाता से प्रकाशित पत्रिका ‘मॉडर्न रिव्यू’ के संस्थापक, संपादक एवं मालिक थे। उन्हें “भारतीय पत्रकारिता का जनक” माना जाता है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने विशेष रूप से कार्य किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने अध्यापक और प्राचार्य के पद पर काम किया था।
1942: हुल्लड़ मुरादाबादी – भारत के प्रसिद्ध व्यंग्य कवि। इतनी ऊंची मत छोड़ो, क्या करेगी चांदनी, यह अंदर की बात है, तथाकथित भगवानों के नाम जैसी हास्य कविताओं से भरपूर पुस्तकें लिखने वाले हुल्लड़ मुरादाबादी को कलाश्री, अट्टहास सम्मान, हास्य रत्न सम्मान, काका हाथरसी पुरस्कार जैसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
29 मई को हुए निधन (Died on 29 May)
1972: पृथ्वीराज कपूर- भारतीय सिनेमा और थिएटर की बुनियाद रखने वाले दिग्गज अभिनेता और ‘पृथ्वी थिएटर’ के संस्थापक।
1987: चौधरी चरण सिंह – भारत के पांचवें प्रधानमंत्री, किसानों के मसीहा और स्वतंत्रता सेनानी। उनकी याद में भारत में किसान दिवस भी मनाया जाता है।
2020: योगेश – प्रसिद्ध भारतीय गीतकार और लेखक थे। उन्हें विशेष रूप से फ़िल्म ‘आनंद’ के गीत ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाये’ और ‘ज़िन्दगी कैसी है पहेली हाए’; ‘रिमझिम गिरे सावन’ (फ़िल्म- मंज़िल), ‘रजनीगंधा फूल तुम्हारे’ (फ़िल्म- रजनीगंधा) जैसे सुपरहित गीतों के लिए प्रसिद्धि प्राप्त है। भारतीय हिंदी सिनेमा में
2020: अजीत जोगी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ व राजनेता थे। वह छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति थे। अजीत जोगी 1 नवंबर, 2000 से 7 दिसंबर, 2003 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट होने के बाद वे आईपीएस बने और दो साल बाद आइएएस। लंबे समय तक कलेक्टर जैसे दबदबे वाले पद पर रहने के बाद त्यागपत्र देकर राजनीति में आने वाले जोगी को तेज तर्रार अफसर के साथ ही तुर्क नेता भी माना गया। गंभीर दुर्घटना में पैरों से लाचार होने के बाद भी जोगी जीवटता के साथ राजनीति के मैदान में डटे रहे।
2022: सिद्धू मूसेवाला की हत्या- पंजाब के बेहद लोकप्रिय सिंगर और कांग्रेस नेता शुभदीप सिंह सिद्धू (सिद्धू मूसेवाला) की मानसा जिले में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था।
29 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव (Important events and festivities of 29 May)
माउंट एवरेस्ट दिवस
29 मई यही वह दिन है जब दुनिया की सबसे पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को इंसान ने फतह किया। एडमंड हिलरी और तेनजिंग नॉर्गे इसी दिन 1953 में माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बने थे। उसकी याद में इस दिन को माउंट एवरेस्ट दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस
(International Day of UN Peacekeepers): वैश्विक संघर्ष क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले शांति सैनिकों (ब्लू हेलमेट्स) के साहस और बलिदान को सम्मान देने के लिए यह दिन समर्पित है।
प्रस्तुति
हिमाचल न्यूज़ रिसर्च डेस्क
बाहरी कड़ियां
विकिपीडिया
bharatdiscovery.org
Posted By: Himachal News
Himachal News की ताजा खबरों और वीडियो अपडेट्स के लिए हमारे Himachal News को फॉलो और YouTube चैनल Himachal News TV को Subscribe करें।
| जनवरी | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| फरवरी | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 |
| मार्च | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| अप्रैल | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| मई | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| जून | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| जुलाई | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| अगस्त | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| सितंबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| अक्टूबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |
| नवंबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 |
| दिसंबर | 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 |



