CJP Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा नीट (NEET) पेपर लीक आंदोलन शनिवार को बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। सुबह तड़के प्रख्यात पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद, अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस हिरासत और कथित मारपीट के बीच से निकलकर जंतर-मंतर पहुंचे दीपके ने आज से ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया है।
इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने अब अपनी मांग का दायरा बढ़ाते हुए सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी है।
सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर पर पत्रकारों से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने सरकार को खुली चुनौती दी। दीपके ने कहा, “अगर सरकार को लगता है कि सोनम सर को उठाने से आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो यह उनकी भूल है। अब तक हम सिर्फ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे, लेकिन छात्रों और बुजुर्गों पर हुए इस घृणित कृत्य के बाद अब हम सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।”

दीपके ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने सुबह उनके साथ सड़कों पर मारपीट की, लेकिन वे किसी तरह पुलिस की गिरफ्त से बचकर वापस आंदोलन की कमान संभालने जंतर-मंतर पहुंचे हैं। उन्होंने साफ किया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद चलो अभियान’ हर हाल में होकर रहेगा।
CJP Protest: जंतर-मंतर छावनी में तब्दील, हर राज्य में प्रदर्शन की अपील
शनिवार सुबह से ही जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने धरनास्थल की ओर जाने वाले तमाम रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया है। पुलिस की सख्ती को देखते हुए CJP नेतृत्व ने देश के युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय अपने-अपने राज्यों और शहरों में शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरें और इस दमनकारी कार्रवाई का विरोध करें।

डिंपल यादव का तीखा हमला, बोली बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लाए हैं
सोनम वांगचुक पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। डिंपल यादव ने ‘X’ पर लिखा कि “बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज़ दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।”

CJP Protest: 6 जून से शुरू हुई इस जंग की आखिर क्या हैं प्रमुख मांगें?
NEET, CBSE, CUET और SSC परीक्षाओं में हुए कथित पेपर लीक की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दें।
पेपर लीक और धांधली के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित न्याय और मुआवजा मिले।
देश की पूरी प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी और व्यापक ढांचागत सुधार (Reforms) किए जाएं।
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