20 May 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 20 मई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, चतुर्थी (शाम 04:36 तक, तत्पश्चात पंचमी)
नक्षत्र: पुनर्वसु (सुबह 11:51 तक, तत्पश्चात पुष्य)
योग: गण्ड (रात 10:43 तक, फिर वृद्धि)
करण: विष्टि/भद्रा (सुबह 05:24 तक), बव (शाम 04:36 तक), बालव
दिन: बुधवार
प्रविष्टे: 06 ज्येष्ठ
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:25 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:13 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 08:35 बजे
चन्द्रास्त: रात 11:04 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा मिथुन राशि में (सुबह 05:50 तक), तत्पश्चात कर्क राशि में गोचर करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:56 से 04:40 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: आज कोई अभिजीत मुहूर्त नहीं है (बुधवार के दिन इस मुहूर्त को शुभ नहीं माना जाता)।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:37 से 03:32 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:12 से 07:34 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 08:43 से 10:19 तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 12:19 से 02:02 बजे तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 07:08 से 08:52 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:48 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज विनायकी गणेश चतुर्थी का पावन व्रत है। इस दिन भगवान श्री गणेश की आराधना की जाती है। मध्याह्न के समय विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और बुद्धि, ज्ञान तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज बुधवार का दिन है, जो बुद्धि और विवेक के दाता भगवान श्री गणेश और बुध देव को समर्पित है, अतः जीवन में सुख-समृद्धि और व्यापार में उन्नति के लिए आज विशेष उपाय करें:
दूर्वा अर्पण: आज सुबह स्नान के बाद भगवान गणेश को 21 दूर्वा (दूब घास) की गाठें ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें। इससे कार्यों में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं।
मोदक का भोग: आज के दिन गणपति जी को बूंदी के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं, जिससे घर में रिद्धि-सिद्धि का वास होता है।
दान पुण्य: बुध ग्रह की शांति और अनुकूलता के लिए आज किसी जरूरतमंद या मंदिर में हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या कांसे के बर्तन का दान करना अत्यंत शुभ और भाग्यवर्धक माना जाता है।
सावधानी: आज ‘गण्ड’ योग का प्रभाव रात तक रहेगा और सुबह भद्रा की स्थिति भी है, इसलिए कोई भी नया व्यावसायिक निर्णय लेते समय सावधानी बरतें, वाणी पर संयम रखें और धन के लेन-देन में सतर्कता बरतें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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