1 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 1 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
1 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आषाढ़, अमांत: ज्येष्ठ।
तिथि: ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि (प्रात: 07:38 बजे तक, तत्पश्चात द्वितीया तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (प्रात: 06:51 बजे तक, तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ)
योग: इन्द्र योग (शाम 04:04 बजे तक, तत्पश्चात वैधृति योग प्रारंभ)
करण: कौलव (सुबह 07:38 बजे तक), तैतिल (शाम 08:40 बजे तक) तत्पश्चात गर प्रारंभ।
दिन: बुधवार
प्रविष्टे: 17 आषाढ़
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:27 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:23 बजे
चन्द्रोदय: रात्रि 08:45 बजे
चन्द्रास्त: प्रातः07:08 बजे (02 जुलाई)
चन्द्र राशि: चंद्रमा धनु राशि (दोपहर 1:31 बजे तक) संचार करेंगे, तत्पश्चात मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव मिथुन राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:49 से 04:37 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं होता है।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से 03:40 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:22 से 07:44 बजे तक।
अमृत काल: प्रातः02:20 से 04:06 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 12:25 से 02:10 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: प्रातः 07:11 से 08:56 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:58 से 12:54 बजे तक।
भद्रा / विष्टि: आज भद्रा का साया नहीं है।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना और मानसिक पूजा का विशेष फल मिलता है। इसके साथ ही आज सूर्य देव पूरी तरह से मिथुन राशि में संचरण कर रहे हैं। दोपहर के बाद चंद्रमा का भी मिथुन राशि में प्रवेश होगा, जिससे मिथुन राशि में सूर्य और चंद्रमा की युति बनेगी। यह स्थिति आध्यात्मिक ऊर्जा, तंत्र-मंत्र की साधना और संकल्प शक्ति को जगाने के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है।
प्रदोष व्रत: प्रदोष काल में शिव आराधना करने से सभी कष्टों का निवारण होता है.
जया पार्वती व्रत (आरंभ): गुजरात में विशेष रूप से मनाया जाने वाला यह व्रत मां जया (पार्वती जी) को समर्पित है, जो अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है.
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज बुधवार का दिन है (जो प्रथम पूज्य भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है), अतः सुबह स्नान के बाद भगवान गणेश के मंदिर जाएं और उनके सम्मुख गाय के घी का दीपक जलाएं। उन्हें 21 दूर्वा की गांठें और मोदक अर्पित करें। वहीं बैठकर ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे ऋण संबंधी समस्याएं और कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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