24 May 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 24 मई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी (सुबह 09:27 तक, तत्पश्चात नवमी)
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (सुबह 07:41 तक, तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी)
योग: हर्षण (सुबह 11:51 तक, फिर वज्र)
करण: बव (सुबह 09:27 तक), बालव (रात 08:58 तक), फिर कौलव
दिन: रविवार
प्रविष्टे: 10 ज्येष्ठ
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:22 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:15 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 12:28 बजे
चन्द्रास्त: रात 01:38 बजे (25 मई की मध्यरात्रि)
चन्द्र राशि: चंद्रमा सुबह 13:36 (दोपहर 01:36) तक सिंह राशि में रहेंगे, तत्पश्चात कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:53 से 04:38 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:46 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:36 से 03:31 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:15 से 07:37 बजे तक।
अमृत काल: शाम 05:43 से 07:19 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: शाम 05:32 से सायं 07:15 बजे तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 12:06 से 01:49 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सायं 05:21 से 06:17 बजे तक।
भद्रा: आज भद्रा नहीं है।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी और नवमी तिथि का संयोग है। आज ‘श्री दुर्गा अष्टमी’ का पावन व्रत है, जो मां दुर्गा की शक्ति उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। आज सुबह 07:41 तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ होगा। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं, इसलिए आज का दिन मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि और सरकारी कार्यों में सफलता के लिए विशेष फलदायी है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज रविवार का दिन है, जो प्रत्यक्ष देवता और आत्मा के कारक भगवान सूर्य नारायण को समर्पित है, अतः आरोग्यता, आत्मविश्वास और करियर में उन्नति के लिए आज ये विशेष उपाय करें:
सूर्य देव को अर्घ्य: आज सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल चंदन, कुमकुम और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य को ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: आज के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चमत्कारी प्रभाव देता है। इससे प्रशासनिक कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और समाज में यश बढ़ता है।
गाय को गुड़-गेहूं: आज के दिन पहली रोटी में गुड़ और गेहूं रखकर लाल रंग की गाय को खिलाएं। इससे कुंडली में सूर्य जनित दोष शांत होते हैं।
सावधानी: आज दोपहर के बाद जब चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, तो दिशाशूल और गोचर की स्थिति के अनुसार पश्चिम दिशा की यात्रा में सावधानी बरतें। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो दलिया या घी खाकर ही घर से निकलें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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