15 May 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग पढ़ने से न केवल शुभ-अशुभ समय का ज्ञान होता है, बल्कि ग्रहों की चाल समझकर हम अपने कार्यों को सुगम बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 15 मई 2026 को कोई नया काम शुरू करने जा रहे हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज के शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति अवश्य देख लें। पंचांग के अनुसार कार्य करना आपके लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: चतुर्दशी (रात 09:12 तक, तत्पश्चात अमावस्या)
नक्षत्र: भरणी (दोपहर 12:45 तक, तत्पश्चात कृत्तिका)
योग: सौभाग्य (सुबह 07:14 तक, तत्पश्चात शोभन)
करण: विष्टि/भद्रा (सुबह 10:28 तक), शकुनि (रात 09:12 तक)
दिन: शुक्रवार
प्रविष्टे: 01 ज्येष्ठ (आज ज्येष्ठ संक्रांति है)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:28 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:10 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 03:28 बजे (16 मई)
चन्द्रास्त: सायं 05:35 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:02 से 04:45 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:47 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 से 03:29 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:09 से 07:30 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 07:28 से 08:57 तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: सुबह 10:36 से दोपहर 12:19 बजे तक (इस समय नया कार्य शुरू न करें)।
यम गण्ड: दोपहर 03:44 से सायं 05:27 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:10 से 09:05 बजे तक, फिर दोपहर 12:47 से 01:41 बजे तक।
प्रमुख व्रत और पर्व: मास शिवरात्रि
आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी है, जिसे ‘मास शिवरात्रि’ के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन भगवान भोलेनाथ की आराधना करने से जीवन के सभी कष्टों का निवारण होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज शुक्रवार है और मास शिवरात्रि का संयोग है, तो यह दिन माता लक्ष्मी और भगवान शिव की संयुक्त कृपा पाने के लिए उत्तम है:
शिवलिंग पर अभिषेक: आज शाम के समय शिवलिंग पर शहद मिश्रित जल चढ़ाएं। इससे आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार के कारण चावल, दूध या चीनी का दान किसी जरूरतमंद को करें।
घी का दीपक: रात के समय शिव मंदिर में या घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं, इससे सुख-समृद्धि का वास होता है।
सावधानी: आज सुबह 10:28 बजे तक भद्रा का साया रहेगा। भद्रा काल में मांगलिक कार्य और शुभ यात्रा वर्जित मानी जाती है, अतः 10:28 के बाद ही महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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