17 May 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 17 मई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा (शाम 05:08 तक, तत्पश्चात द्वितीया)
नक्षत्र: रोहिणी (सुबह 09:47 तक, तत्पश्चात मृगशिरा)
योग: अतिगण्ड (रात 12:43 तक, फिर सुकर्मा)
करण: किस्तुघ्न (सुबह 06:06 तक), बव (शाम 05:08 तक), बालव (अगली सुबह 04:14 तक)
दिन: रविवार
प्रविष्टे: 03 ज्येष्ठ
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:27 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:11 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 05:46 बजे
चन्द्रास्त: सायं 07:44 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेंगे (रात 09:12 तक, तत्पश्चात मिथुन राशि)।
सूर्य राशि: सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:00 से 04:43 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:47 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:35 से 03:29 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:10 से 07:32 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 06:14 से 07:46 तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: शाम 05:29 से 07:11 बजे तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 12:19 से 02:02 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सायं 05:22 से 06:17 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज के दिन चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। शाम के समय बाल चंद्रमा के दर्शन करना मानसिक शांति और समृद्धि दायक माना जाता है। इसके साथ ही आज कुछ क्षेत्रों में करवीर व्रत भी रखा जाता है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज रविवार का दिन है, जो सूर्य देव को समर्पित है, अतः मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति के लिए निम्न उपाय करें:
सूर्य अर्घ्य: आज सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः‘ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें।
गायत्री मंत्र का जाप: आज के दिन गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है। इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
दान पुण्य: आज के दिन किसी जरूरतमंद को तांबे के बर्तन, गेहूं, या गुड़ का दान करने से कुंडली में सूर्य जनित दोष शांत होते हैं।
सावधानी: आज ‘अतिगण्ड’ योग का प्रभाव रात तक रहेगा, इसलिए किसी भी प्रकार के पारिवारिक या व्यावसायिक वाद-विवाद और क्रोध से बचें। कोई भी नया बड़ा निवेश करने से पहले सोच-विचार अवश्य करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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