06 August 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 06 अगस्त 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार है। गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और केले के वृक्ष का पूजन करने से ज्ञान, वैवाहिक सुख, सौभाग्य और धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा गुरु ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते हैं।
06 August 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- श्रावण, अमांत- श्रावण
तिथि: श्रावण मास (कृष्ण पक्ष) की अष्टमी तिथि (शाम 04:54 बजे तक, तत्पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: भरणी नक्षत्र (शाम 04:35 बजे तक, तत्पश्चात कृतिका नक्षत्र प्रारंभ)
योग: गण्ड योग (सुबह 11:15 बजे तक, तत्पश्चात वृद्धि योग प्रारंभ)
करण: कौलव (सुबह 05:01 बजे तक), तैतिल (शाम 04:54 बजे तक), तत्पश्चात गर करण प्रारंभ।
दिन: गुरुवार
प्रविष्टे: 22 श्रावण
ऋतु: वैदिक ऋतु – ग्रीष्म, द्रिक ऋतु – वर्षा
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 05:43 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:16 बजे
चन्द्रोदय: उत्तररात्रि 12:37 बजे (7 अगस्त)
चन्द्रास्त: दोपहर 02:57 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा रात 10:28 बजे तक मेष राशि में रहने के बाद वृषभ राशि (उच्च राशि) में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:11 से 04:57 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 से 12:56 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से 03:38 बजे तक।
गोधूलि बेला: सायं 07:15 से 07:36 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 11:20 से 01:00 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 01:30 से सायं 03:00 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: प्रातः 05:43 से 07:24 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:14 से 11:08 बजे तक एवं दोपहर 03:38 से 04:32 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
श्रावण कृष्ण अष्टमी (कालाष्टमी व्रत): भगवान शिव के अंश भगवान भैरव देव की पूजा-अर्चना का पावन पर्व, जिससे भय, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।
गुरुवार व्रत एवं विष्णु पूजन: सुख-सौभाग्य, आध्यात्मिक ज्ञान और करियर व कार्यक्षेत्र में उन्नति के लिए भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा का विशेष संयोग।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज गुरुवार का दिन है और श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए कार्यक्षेत्र में सफलता, भाग्य में वृद्धि और भगवान श्री हरि विष्णु व देवगुरु बृहस्पति की कृपा पाने के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात पीले वस्त्र धारण करें। विष्णु जी को पीले पुष्प, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। आज के दिन केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित कर दीपक जलाना और किसी जरूरतमंद को चने की दाल, हल्दी या पीले वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ और सर्वकार्य सिद्धिदायक माना जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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