22 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 22 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
22 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– श्रावण, अमांत– आषाढ़
तिथि: आषाढ़ मास (अमांत) के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि (दोपहर 03:31 बजे तक, तत्पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: चित्रा (शाम 06:12 बजे तक, तत्पश्चात स्वाती नक्षत्र प्रारंभ)
योग: वैधृति योग (तड़के 05:32 बजे तक, तत्पश्चात विषकुम्भ योग प्रारंभ)
करण: विष्टि/भद्रा (तड़के 04:22 बजे तक), बव (दोपहर 03:31 बजे तक), तत्पश्चात बालव प्रारंभ।
दिन: बुधवार
प्रविष्टे: 7 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:37 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:18 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 12:57 बजे
चन्द्रास्त: मध्यरात्रि (रात 12:24 बजे, 23 जुलाई तड़के)
चन्द्र राशि: चंद्रमा सुबह 06:58 बजे तक कन्या राशि में रहने के बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:02 से 04:50 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं (बुधवार को अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं होता)।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से 03:39 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:17 से 07:38 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 11:15 से दोपहर 12:48 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 12:27 से 02:10 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 07:20 से 09:03 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:54 बजे तक।
भद्रा / विष्टि: भद्रा तड़के 04:22 बजे समाप्त हो जाएगी (सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो चुकी है)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
गुप्त नवरात्रि (आठवां दिन – दुर्गा अष्टमी): 15 से 23 जुलाई तक चलने वाली गुप्त नवरात्रि का आज आठवां दिन है, जो मां महागौरी की विशेष पूजा-अर्चना और कन्या पूजन के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
परशुराम अष्टमी: आषाढ़ शुक्ल अष्टमी तिथि को भगवान परशुराम की पूजा का विधान है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज बुधवार का दिन है और साथ ही गुप्त नवरात्रि की महाष्टमी तिथि का पावन योग बन रहा है, इसलिए बुद्धि, ज्ञान, धन-धान्य और व्यापार में उन्नति के लिए आज गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करें और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इसके साथ ही गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी को नारियल या हलवा-पूरी का भोग लगाएं और कन्या पूजन करें। आज के दिन हरी मूंग की दाल या हरे वस्त्र का दान करना अत्यंत शुभ और समृद्धिदायक रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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