03 August in History: ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 215वां दिन (लीप वर्ष में 216वां दिन) है। साल में अभी और 150 दिन शेष हैं। भारत और विश्व इतिहास में 03 अगस्त का खास महत्व है, क्योंकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
आज का इतिहास में जानिए आज के दिन जन्मे चर्चित व्यक्ति, प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन, युद्ध संधि, किसी देश की आजादी, नई तकनिकी का अविष्कार, सत्ता का बदलना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस के बारे में। आईए हिमाचल न्यूज़ में पढ़ें भारत और विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज 03 अगस्त का इतिहास एवं घटनाक्रम।
आज ही के दिन लॉन्च हुआ था आम लोगों के लिए पहला पर्सनल कंप्यूटर, जानिए कैसे 3 अगस्त 1977 को बदला टेक्नोलॉजी का पूरा ढांचा
यह कहानी पर्सनल कंप्यूटर (PC) की दुनिया में आई उस महान क्रांति की है, जिसने कंप्यूटर को बड़े-बड़े रिसर्च लैब्स और तकनीकी विशेषज्ञों से निकालकर आम लोगों के घरों तक पहुंचा दिया।
अमेरिका के डॉन फ्रेंच रेडियो शैक से इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के बेहद शौकीन थे। वर्ष 1975 में उन्होंने ‘आल्टेयर 8800’ नामक एक माइक्रोकंप्यूटर खरीदा। इस कंप्यूटर से प्रभावित होकर उनके मन में विचार आया कि क्यों न एक ऐसा आसान और सस्ता कंप्यूटर डिजाइन किया जाए जो आम जनता की पहुंच में हो, क्योंकि उस दौर में कंप्यूटर केवल टेक एक्सपर्ट्स ही इस्तेमाल करते थे।
डॉन फ्रेंच ने अपना यह विचार रेडियो शैक की मूल कंपनी ‘टैंडी कॉर्पोरेशन’ के सामने रखा। कंपनी को यह विचार पसंद आया और दिसंबर 1976 में 24 साल के युवा इंजीनियर स्टीव लिनींगर को हायर किया गया। स्टीव और डॉन को कम से कम लागत में एक नया होम कंप्यूटर डिजाइन करने का काम सौंपा गया।
फरवरी 1977 में दोनों ने मिलकर एक प्रोटोटाइप तैयार कर लिया, जो टैक्स कैलकुलेशन और सामान्य ऑफिस वर्क करने में सक्षम था। इसे टैंडी कॉर्पोरेशन के संस्थापक चार्ल्स टैंडी के सामने पेश किया गया।
प्रदर्शन के दौरान जब दोनों ने टैंडी से टैक्स कैलकुलेशन के लिए अपनी सालाना सैलरी एंटर करने को कहा, तो टैंडी ने 1.5 लाख डॉलर दर्ज किए। इतना बड़ा आंकड़ा प्रोसेस न कर पाने के कारण कंप्यूटर तुरंत क्रैश हो गया। टैक्स तो कैलकुलेट नहीं हो सका, लेकिन कंपनी के बाकी कर्मचारियों को अपने मालिक की भारी-भरकम सैलरी का पता जरूर चल गया! टैंडी ने इस वाकये के बावजूद कुछ सुधारों के साथ इस प्रोजेक्ट को अपनी हरी झंडी दे दी।
इस कंप्यूटर को नाम दिया गया TRS-80 (‘TRS’ का अर्थ था टैंडी रेडियो शैक) और इसमें Z-80 प्रोसेसर का उपयोग होने के कारण नाम में ’80’ जोड़ा गया था।
3 अगस्त 1977 को यह ऐतिहासिक होम कंप्यूटर 599 डॉलर की कीमत पर लॉन्च किया गया। इस पैकेज के साथ ग्राहकों को 12-इंच का मॉनिटर, 4KB रैम, 1.77 MHz Z-80 प्रोसेसर, लैंग्वेज इंटरप्रेटर, कैसेट रिकॉर्डर और एक कैसेट टेप मिलती थी, जिसमें ‘ब्लैकजैक’ और ‘बैकगेमन’ नाम के दो गेम भी शामिल थे।
इस कंप्यूटर को मिली प्रतिक्रिया ने कंपनी को भी हैरान कर दिया। जहां कंपनी ने शुरुआत में बेहद कम बिक्री का अनुमान लगाया था, वहीं महज पहले ही महीने में 5,000 TRS-80 कंप्यूटर बिक गए, जो कंपनी के शुरुआती अनुमान से 10 गुना अधिक थे।
1994: जब AIIMS में हुआ देश का पहला सफल ‘हार्ट ट्रांसप्लांट’, जानिए 59 मिनट की उस ऐतिहासिक सर्जरी की दास्तान
यह कहानी भारतीय मेडिकल साइंस की उस ऐतिहासिक उपलब्धि की है, जिसने देश के लाखों हृदय रोगियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई और भारत को वैश्विक चिकित्सा मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाई।
वर्ष 1994 से पहले, यदि किसी भारतीय मरीज को हार्ट ट्रांसप्लांट (हृदय प्रत्यारोपण) की आवश्यकता होती थी, तो उसके पास इलाज के लिए विदेश जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। यह प्रक्रिया अत्यधिक खर्चीली होने के कारण आम आदमी की पहुंच से पूरी तरह बाहर थी। यद्यपि भारतीय डॉक्टर इस क्षेत्र में लगातार प्रयासरत थे, लेकिन तकनीकी और कानूनी अड़चनों के कारण सफलता नहीं मिल पा रही थी।
इस दिशा में निर्णायक मोड़ 7 जुलाई 1994 को आया, जब ‘मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम’ को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इस कानून के बनने से देश में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण के लिए कानूनी मार्ग पूरी तरह साफ हो गया।
कानून बनने के तुरंत बाद, नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों की टीम ने इतिहास रचने की तैयारी पूरी की। 3 अगस्त 1994 को वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉ. पी. वेणुगोपाल के कुशल नेतृत्व में लगभग 20 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने 42 वर्षीय मरीज देवी राम का सफल हार्ट ट्रांसप्लांट किया।
उस दौर की तकनीकी सीमाओं के बीच यह बेहद जटिल सर्जरी मात्र 59 मिनट में सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। इस ऐतिहासिक सफलता ने भारतीय डॉक्टरों की प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया।
देवी राम की सफल सर्जरी ने देश भर में अंगदान को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव लाया। लोगों में यह विश्वास जगा कि मरणोपरांत अंगदान से कई अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
इस अभूतपूर्व उपलब्धि को सम्मान देने के लिए वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 3 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हृदय प्रत्यारोपण दिवस’ के रूप में घोषित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में पूर्व में सफल ट्रांसप्लांट करा चुके मरीजों को आमंत्रित किया गया। इसी कार्यक्रम में डॉ. वेणुगोपाल के सुझाव पर अंगदान व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ‘ऑर्गन रिट्रीवल बैंकिंग ऑर्गेनाइजेशन’ (ORBO) को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने का निर्णय भी लिया गया।
देश-विदेश में 03 अगस्त को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है
1108: लुई षष्ठम फ्रांस का सम्राट बना।
1347: अलाउद्दीन बहमन शाह (जिन्हें हसन गंगू भी कहा जाता है) ने दक्कन क्षेत्र में बहमनी सल्तनत की नींव रखी थी। यह सल्तनत 1347 से 1518 तक चली। इसने दक्षिण भारत में दिल्ली सल्तनत के प्रभाव को कम किया और एक स्वतंत्र मुस्लिम राज्य की शुरुआत की।
1492: इटली के नाविक क्रिस्टोफर कोलंबस ने भारत का समुद्री रास्ता खोजने के उद्देश्य से स्पेन से अपने पहले समुद्री सफर की शुरुआत की।
1678: राबर्ट लासैले ने अमेरिका में पहले नाविक जहाज का निर्माण शुरू किया था। यह जहाज उत्तरी अमेरिका के महान झीलों में चलने वाला पहला पालपोत था।
1780: मेजर पोफम की अगुआयी में कैप्टेन ब्रुस ने लियर पर कब्जा किया। यह मराठा साम्राज्य के खिलाफ प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध के दौरान एक बड़ी और ऐतिहासिक सैन्य जीत थी।
1914: जर्मनी ने फ्रांस पर युद्ध की घोषणा की। पहले विश्वयुद्ध की शुरुआत की ये एक महत्वपूर्ण घटना थी।
1933: मिकी माउस वॉच पहली बार दुनिया के सामने लाई गई थी। इसे प्रसिद्ध कंपनी इंग्रसोल-वाटरबरी ने बनाया था।
1948: इंडियन एटॉमिक एनर्जी कमीशन की स्थापना हुई।
1957: अब्दुल रहमान को मलेशिया का नया नेता चुना गया था जिनके नेतृत्व में मलेशिया ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की।
1960: नाइजर ने फ्रांस से अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की थी। इस दिन को नाइजर के राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1985: समाज सुधारक बाबा आम्टे को जनसेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतिष्ठित रेमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने मुख्य रूप से कुष्ठ रोगियों की सेवा, पुनर्वास और समाज में उन्हें सम्मान दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया था।
2004: नासा का मैसेंजर अंतरिक्ष यान बुध ग्रह की ओर रवाना हुआ था। यह पहला ऐसा यान था जो बुध ग्रह की कक्षा में स्थापित हुआ।
2007: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुआ रूसी अंतरिक्ष यान प्रोग्रेस एम-61 सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में पहुंचा।
2007: कांगो में हुई एक ट्रेन दुर्घटना में 100 लोगों की मृत्यु।
2012: अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स ने लंदन ओलिंपिक में 17वां गोल्ड मेडल जीता। फेल्प्स के नाम ओलिंपिक के रिकॉर्ड 28 मेडल हैं, जिनमें 23 गोल्ड हैं।
2016: पुष्पकमल दाहाल (प्रचंड) नेपाल के 39वें प्रधानमन्त्री बने। नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका दूसरा कार्यकाल था।
2021: टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम बेल्जियम से 2-5 से हार गई थी। इसके बाद भारत ने कांस्य पदक के प्ले-ऑफ मैच में जर्मनी को 5-4 से हराकर 41 साल बाद कोई पदक हासिल किया।
03 अगस्त को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1886: मैथिलीशरण गुप्त– हिंदी के राष्ट्रकवि और प्रमुख साहित्यकार।
1890: श्रीप्रकाश – स्वतंत्रता सेनानी और पाकिस्तान में प्रथम उच्चायुक्त।
1908: रोहित मेहता– स्वतंत्रता सेनानी व लेखक।
1916: शकील बदायूनी– उर्दू शायर और साहित्यकार, लेकिन इन्होंने बालीवुड में गीत रचनाकार के रूप में नाम कमाया।
1919: जयदेव – हिंदी सिनेमा के महान जयदेव संगीतका। बचपन में वह फ़िल्मों में बाल कलाकार भी रहे।
1936: छन्नूलाल मिश्रा – पद्म विभूषण से सम्मानित भारतीय शास्त्रीय गायक।
1939: उत्पलकुमार बसु– बांग्ला सहित्य के भूखी पीढ़ी आन्दोलन के प्रमुख कवि।
1947: सिद्धारमैया– कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री।
1956: बलविंदर संधू – भारतीय क्रिकेटर। वे 1983 क्रिकेट विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य थे।
1984: सुनील छेत्री – प्रसिद्ध भारतीय फ़ुटबॉल खिलाड़ी हैं, जो भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लंबे समय तक कप्तान रहे।
03 अगस्त को हुए प्रमुख निधन
1670 – मुहणोत नैणसी – राजस्थान के क्रमबद्ध इतिहास लेखन के प्रथम इतिहासकार थे।
1982 – त्रिभुवन नारायण सिंह – भारतीय राजनेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
1985 – बनारसी दास – भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।
1990 – सी. एम. पुनाचा – स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ तथा उड़ीसा और मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल।
1993 – स्वामी चिन्मयानंद – भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक तथा वेदान्त दर्शन के विश्व प्रसिद्ध विद्वान।
1993: प्रेमकृष्ण खन्ना- हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के एक प्रमुख सदस्य का निधन में हुआ।
2008: एलेक्ज़ेन्डर सोलज़नीस्तीन- रूस के प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक का निधन को हुआ था।
2022 – मिथलेश चतुर्वेदी – भारतीय फ़िल्म व टीवी कलाकार थे।
03 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
विश्व स्तनपान दिवस (सप्ताह)
नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण में स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रतिवर्ष 01 से 07 अगस्त तक दुनिया भर में यह विशेष सप्ताह मनाया जाता है। इसकी शुरुआत डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के समर्थन से की गई थी।
प्रस्तुति
हिमाचल न्यूज़ रिसर्च डेस्क
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