11 June 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 11 जून 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: ज्येष्ठ (अधिकमास) माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि (सुबह 10:14 बजे तक, तत्पश्चात द्वादशी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: रेवती (सुबह 08:08 बजे तक, तत्पश्चात अश्विनी नक्षत्र प्रारंभ)
योग: सौभाग्य (सुबह 04:31 बजे तक, फिर शोभन योग)
करण: बालव (सुबह 10:14 बजे तक), फिर कौलव (रात 10:04 बजे तक)
दिन: गुरुवार
प्रविष्टे: 28 ज्येष्ठ
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:23 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:18 बजे
चन्द्रोदय: रात 02:29 बजे (12 जून की तड़के)
चन्द्रास्त: दोपहर 03:17 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा सुबह 08:08 बजे तक मीन राशि में रहेंगे, तत्पश्चात मेष राशि में प्रवेश करेंगे (सुबह 08:08 बजे पंचक समाप्त हो जाएगा)।
सूर्य राशि: सूर्य वृष राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:50 से 04:36 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:46 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:39 से 03:34 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:17 से 07:39 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 06:05 से 07:39 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 02:04 से 03:48 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 05:23 से 07:07 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 09:59 से 10:55 बजे तक, तथा इसके बाद दोपहर 03:34 से 04:30 बजे तक।
पंचक: आज सुबह 08:08 बजे तक ‘रेवती पंचक’ का प्रभाव रहेगा। इसके बाद पंचक समाप्त हो जाएगा।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आज ज्येष्ठ मास (अधिकमास) के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे ‘परमा एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। गुरुवार का दिन और एकादशी का यह पावन संयोग जगत के पालनहार भगवान विष्णु की साधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। आज सुबह 08:08 बजे के बाद देवों के वैद्य ‘अश्विनी कुमारों’ के नक्षत्र ‘अश्विनी’ और मेष राशि के चंद्रमा का प्रभाव रहेगा, जो उत्तम स्वास्थ्य, स्फूर्ति और नई शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज गुरुवार का दिन है (जो भाग्य, ज्ञान और धार्मिक कार्यों के कारक ग्रह बृहस्पति देव तथा भगवान विष्णु को समर्पित है) और साथ ही आज परमा एकादशी भी है, अतः जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति के लिए आज ये विशेष उपाय करें:
भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी अर्पण: आज सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं। उन्हें पीले रंग के फूल, चने की दाल, गुड़ और तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
केले के वृक्ष की पूजा: आज के दिन केले के पेड़ में जल अर्पित करें, वहां शुद्ध घी का दीपक जलाएं और हल्दी से तिलक करें। इससे गुरु दोष दूर होता है और विवाह में आ रही बाधाएं शांत होती हैं।
पीली वस्तुओं का दान: कुंडली में बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने और दरिद्रता दूर करने के लिए आज किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले वस्त्र, चने की दाल, केला, या धार्मिक पुस्तकों का दान करें।
सावधानी: आज गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि दक्षिण दिशा की यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो आज सुबह घर से निकलने से पहले थोड़ा सा दही या जीरा खाकर ही प्रस्थान करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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