24 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 24 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
24 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– श्रावण, अमांत– आषाढ़
तिथि: आषाढ़ मास (अमांत) के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (दोपहर 12:12 बजे तक, तत्पश्चात एकादशी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: विशाखा (दोपहर 03:20 बजे तक, तत्पश्चात अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ)
योग: आयुष्मान योग (रात 09:39 बजे तक, तत्पश्चात सौभाग्य योग प्रारंभ)
करण: गर (दोपहर 12:12 बजे तक), वणिज (रात 11:15 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि/भद्रा प्रारंभ।
दिन: शुक्रवार
प्रविष्टे: 9 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:38 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:17 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 02:59 बजे
चन्द्रास्त: मध्यरात्रि (रात 01:38 बजे, 25 जुलाई तड़के)
चन्द्र राशि: चंद्रमा सुबह 09:42 बजे तक तुला राशि में रहने के बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:03 से 04:51 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:54 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से 03:39 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:16 से 07:37 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 06:42 से 08:15 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: सुबह 10:45 से दोपहर 12:28 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 03:53 से सायं 05:35 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:22 से 09:17 बजे तक, तथा इसके बाद दोपहर 12:54 से 01:49 बजे तक।
भद्रा: रात 11:15 बजे से भद्रा प्रारंभ होगी, जो अगली सुबह (25 जुलाई) प्रातः 10:25 बजे तक रहेगी।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
देवशयनी एकादशी (स्मार्त / व्रत नियम प्रारंभ): दोपहर 12:12 बजे के बाद आषाढ़ शुक्ल एकादशी प्रारंभ हो रही है, जिसे हरिशयनी या देवशयनी एकादशी कहा जाता है। आज से भगवान विष्णु चार मास के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास का शुभारंभ होता है।
पुनर्यात्रा (उड़ीसा रथयात्रा समापन): जगन्नाथ पुरी रथयात्रा का बहुड़ा यात्रा/पुनर्यात्रा उत्सव मनाया जाता है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज शुक्रवार का दिन है और साथ ही देवशयनी एकादशी का पावन संयोग बन रहा है, इसलिए घर-परिवार में सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए आज तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का 108 बार जप करें। श्री हरि विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें तथा मां लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं। आज के दिन जरूरतमंदों को चीनी, दूध, चावल या सफेद वस्त्रों का दान करना अत्यंत कल्याणकारी और धन-धान्य में वृद्धि करने वाला रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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