03 June 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 03 जून 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि (सुबह 06:05 बजे तक, तत्पश्चात चतुर्थी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (दोपहर 01:31 बजे तक, तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र)
योग: शुभ (सुबह 07:44 बजे तक, फिर शुक्ल योग)
करण: वणिज (सुबह 06:05 बजे तक), विष्टि/भद्रा (शाम 05:01 बजे तक), फिर बव
दिन: बुधवार
प्रविष्टे: 20 ज्येष्ठ
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:23 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:14 बजे
चन्द्रोदय: रात्रि 10:11 बजे
चन्द्रास्त: प्रातः 08:44 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा रात्रि 07:07 बजे तक धनु राशि में संचार करेंगे, तत्पश्चात मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:51 से 04:37 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: आज बुधवार होने के कारण कोई भी अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं है (बुधवार को अभिजीत मुहूर्त दूषित माना जाता है)।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:36 से 03:31 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:13 से 07:35 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 07:49 से 09:23 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 12:18 से 02:02 बजे तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: प्रातः 07:07 से 08:51 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:46 बजे तक।
भद्रा: सुबह 06:05 बजे से शाम 05:01 बजे तक भद्रा का साया रहेगा (इस अवधि में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। बुधवार का दिन होने और चतुर्थी तिथि के संयोग से आज संकष्टी गणेश चतुर्थी (कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी) का पावन व्रत है। आज के दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन के सभी संकट, बाधाएं और मानसिक तनाव दूर होते हैं। आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव होने से शुक्र जनित दोषों की शांति होती है और कला, सुख-समृद्धि तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज बुधवार का दिन है (जो बुद्धि, विवेक और विघ्नबाधाओं को हरने वाले भगवान श्री गणेश को समर्पित है) और आज संकष्टी चतुर्थी भी है, अतः जीवन के कष्टों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए आज ये विशेष उपाय करें:
गणेश जी को दूर्वा और मोदक का अर्पण: आज सुबह या शाम के समय भगवान गणेश के मंदिर जाएं या घर पर ही उनके सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए उन्हें 21 दूर्वा (दूब घास) की गाठें अर्पित करें और मोदक या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। इससे बुद्धि तीक्ष्ण होती है और व्यापार-नौकरी में तरक्की मिलती है।
ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ: यदि आप लंबे समय से कर्ज की समस्या से परेशान हैं या आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, तो आज संकष्टी चतुर्थी के दिन ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। इससे धन आगमन के मार्ग खुलते हैं।
हरे मूंग का दान: बुधवार के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को या मंदिर में हरी मूंग की दाल या हरे वस्त्रों का दान करें। गाय को हरा चारा खिलाना भी आज के दिन कुंडली में बुध ग्रह को मजबूत करता है।
सावधानी: आज बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि उत्तर दिशा की यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो आज सुबह घर से निकलने से पहले थोड़ी सी सौंफ या धनिया खाकर और भगवान का स्मरण करते हुए ही बाहर निकलें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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