03 August 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 03 अगस्त 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
03 August 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- श्रावण, अमांत- श्रावण
तिथि: श्रावण मास (कृष्ण पक्ष) की पंचमी तिथि (शाम 05:22 बजे तक, तत्पश्चात षष्ठी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद नक्षत्र (शाम 05:43 बजे तक, तत्पश्चात रेवती नक्षत्र प्रारंभ)
योग: सुकर्मा योग (दोपहर 01:28 बजे तक, तत्पश्चात धृति योग प्रारंभ)
करण: कौलव (सुबह 05:28 बजे तक), तैतिल (शाम 05:22 बजे तक), तत्पश्चात गर करण प्रारंभ।
दिन: सोमवार
प्रविष्टे: 19 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:44 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:10 बजे
चन्द्रोदय: रात 10:33 बजे
चन्द्रास्त: सुबह 11:42 बजे (4 अगस्त)
चन्द्र राशि: चंद्रमा पूरे दिन-रात मीन राशि में गोचर करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:12 से 04:58 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 से 03:36 बजे तक।
गोधूलि बेला: सायं 07:10 से 07:31 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 01:15 से 02:49 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: प्रातः 07:25 से 09:06 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: सुबह 10:47 से दोपहर 12:27 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:54 से 01:48 बजे तक एवं दोपहर 03:36 से 04:30 बजे तक।
पंचक: पूरे दिन-रात पंचक का प्रभाव रहेगा (मीन राशि का चंद्रमा रहने के कारण)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
सावन का दूसरा सोमवार व्रत: श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर देवों के देव महादेव भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना का पावन संयोग।
नाग पंचमी: कई क्षेत्रों में श्रावण कृष्ण पंचमी तिथि के अवसर पर नाग देवताओं का पूजन किया जाता है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज श्रावण मास का पवित्र सोमवार है और मीन राशि में चंद्रमा का संचार हो रहा है, इसलिए मानसिक शांति, आरोग्य, संकटों से मुक्ति और सर्वमनोकामना पूर्ति के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात शिवालय जाएं। शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जप करें। आज के दिन शिव जी को चंदन का तिलक लगाना और जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र, दूध या अक्षत (चावल) का दान करना विशेष पुण्यदायी और सर्वकार्य सिद्धिदायक माना जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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