शिमला। हिमाचल में 24 घंटे खुलेंगी दुकानें। प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुक्खू सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए बड़े नीतिगत बदलावों का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से जहां प्रदेश का व्यापार चमकेगा, वहीं बेरोजगार युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए भारी वित्तीय सहायता मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम में बड़ा संशोधन
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य में व्यापार और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969’ के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस संशोधित प्रावधान के अंतर्गत अब पूरे प्रदेश में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चौबीस घंटे (24 Hours) खुले रहने की अनुमति प्रदान की गई है।
इस ऐतिहासिक निर्णय से न केवल राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्रों में आने वाले सैलानियों और आम उपभोक्ताओं को भी अपनी सुविधानुसार खरीदारी करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य में देर रात तक चलने वाले व्यापार को सुरक्षा और वैधानिकता दोनों मिलेगी।
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत ई-टैक्सी के लिए 50 करोड़ मंजूर
प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 का दायरा और अधिक बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश के 500 अतिरिक्त युवाओं को ई-टैक्सी (E-Taxi) खरीदने के लिए 50 प्रतिशत का भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जाएगा।
इस योजना को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस योजना की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाए ताकि पात्र युवाओं को समय पर इसका लाभ मिल सके और वे सम्मानजनक स्वरोजगार कमा सकें।
ई-रिक्शा की खरीद पर भी मिलेगा 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान
पर्यावरण संरक्षण यानी ग्रीन हिमाचल के संकल्प को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर परिवहन को सुगम बनाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इसी वित्तीय वर्ष में प्रदेश के 500 युवाओं को ई-रिक्शा (E-Rickshaw) खरीदने के लिए भी 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी को बिना किसी देरी के सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे जहां युवाओं को कमाई का जरिया मिलेगा, वहीं प्रदेश में प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण अनुकूल परिवहन (Green Transportation) को भारी बढ़ावा मिलेगा।
श्रम विभाग की सेवाएं होंगी 100% ऑनलाइन, दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति
व्यापारियों, उद्यमियों और आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस पर जोर दिया है। उन्होंने श्रम एवं रोजगार विभाग को सभी प्रकार के प्रमाण-पत्र (Certificates) और लाइसेंस (Licenses) आदि सेवाओं की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन एवं डिजिटाइज करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अनुपालन प्रणाली को बेहद सरल और प्रभावी बना रही है, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूती मिले। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और मुख्य सचिव के.के. पंत सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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