आज से ‘रोग पंचक‘ का साया और जानें सूर्य देव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय
10 May 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग पढ़ने से न केवल शुभ-अशुभ समय का ज्ञान होता है, बल्कि ग्रहों की चाल समझकर हम अपने कार्यों को सुगम बना सकते हैं।
यदि आप आज यानी 10 मई 2026 को कोई नया काम शुरू करने जा रहे हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज के शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति अवश्य देख लें। पंचांग के अनुसार कार्य करना आपके लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है।
है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: ज्येष्ठ माह की अष्टमी (दोपहर 03:06 तक), इसके बाद नवमी ।
नक्षत्र: धनिष्ठा।
योग: ब्रह्म योग।
करण: कौलव (दोपहर 03:07 तक), फिर तैतिल।
दिन: रविवार
प्रविष्टे: 27 वैशाख
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:33 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:01 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा दोपहर 12:12 तक मकर राशि में रहेंगे, उसके बाद कुंभ राशि में गोचर करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य मेष राशि में विराजमान हैं।
10 मई 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Today)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:56 से 04:44 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:50 से दोपहर 12:44 बजे तक (किसी भी कार्य के लिए सबसे उत्तम समय)।
अमृत काल: दोपहर 01:47 से 03:29 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Rahukaal Timing)
सफलता के लिए अशुभ समय में शुभ कार्यों से बचना चाहिए:
राहुकाल: शाम 04:30 से 06:00 बजे तक (इस समय कोई नया कार्य न करें)।
यम गण्ड: दोपहर 12:17 से 01:58 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: शाम 05:13 से 06:07 बजे तक।
प्रमुख व्रत और पर्व
शीतलाष्टमी व्रत: आज के दिन मां शीतला की पूजा और व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बासी भोजन (बसौड़ा) का भोग लगाने की परंपरा है।
आज का विशेष: रविवार और सूर्य देव की कृपा
आज रविवार का दिन है, जो भगवान सूर्य नारायण को समर्पित है। जीवन में मान-सम्मान, आरोग्य और सुख-समृद्धि के लिए आज के दिन सूर्य देव की उपासना श्रेष्ठ मानी जाती है। विशेष रूप से आज शीतलाष्टमी (बसौड़ा) का पर्व भी है, जिसमें मां शीतला को बासी भोजन का भोग लगाकर आरोग्य की कामना की जाती है।
आज का अचूक उपाय (Sunday Special Upay)
यदि आप शत्रुओं पर विजय और धन की प्राप्ति चाहते हैं, तो आज के दिन ‘आदित्यहृदयस्तोत्र’ का तीन बार पाठ अवश्य करें। इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
सावधान! आज से शुरू हो रहा है ‘रोग पंचक‘
10 मई 2026 के पंचांग में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज दोपहर 12:50 PM से पंचक का प्रारंभ हो रहा है। रविवार से शुरू होने के कारण इसे ‘रोग पंचक’ कहा जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, रोग पंचक के दौरान नए कार्यों की शुरुआत में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह शारीरिक और मानसिक कष्टों का कारक बन सकता है। यह 14 मई की शाम तक प्रभावी रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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