26 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 26 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
26 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– श्रावण, अमांत– आषाढ़
तिथि: आषाढ़ मास (अमांत) के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (दोपहर 02:28 बजे तक, तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: ज्येष्ठा (शाम 05:43 बजे तक, तत्पश्चात मूल नक्षत्र प्रारंभ)
योग: शोभन योग (शाम 06:18 बजे तक, तत्पश्चात अतिगंड योग प्रारंभ)
करण: बालव (दोपहर 02:28 बजे तक), तत्पश्चात कौलव प्रारंभ।
दिन: रविवार
प्रविष्टे: 11 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:39 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:16 बजे
चन्द्रोदय: शाम 04:55 बजे
चन्द्रास्त: मध्यरात्रि (27 जुलाई रात 02:58 बजे)
चन्द्र राशि: चंद्रमा शाम 05:43 बजे तक वृश्चिक राशि में रहने के बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:05 से 04:52 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:54 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से 03:39 बजे तक।
गोधूलि बेला: सायं 07:15 से 07:36 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 09:25 से 11:02 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: सायं 05:33 से सायं 07:16 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 12:28 से दोपहर 02:10 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सायं 05:27 से 06:21 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
वामन द्वादशी / देवशयनी एकादशी व्रत पारण: आज आषाढ़ शुक्ल द्वादशी तिथि पर एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा तथा वामन द्वादशी का पूजन होगा।
रवि प्रदोष व्रत संयोग: सायं काल में त्रयोदशी तिथि लगने के कारण भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए रवि प्रदोष का शुभ संयोग बन रहा है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज रविवार का दिन है और साथ ही प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए आरोग्यता, मान-सम्मान और सूर्य देव व महादेव की कृपा पाने के लिए प्रातःकाल तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, रोली और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें तथा ‘ॐ घृणिः सूर्याय नमः’ का जाप करें। शाम के समय शिव मंदिर में दीपक जलाएं और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करते हुए शिवलिंग पर जल अर्पित करें। आज के दिन जरूरतमंदों को गुड़, गेहूं या तांबे की वस्तुओं का दान करना अत्यंत कल्याणकारी और सफलता दिलाने वाला रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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