1 जून: ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 1 जून वर्ष का 152वां (लीप वर्ष में यह 153वां) दिन है। साल में अभी 213 दिन शेष हैं। भारत और विश्व इतिहास में 1 जून का खास महत्व है, क्योंकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
आज का इतिहास में जानिए आज के दिन जन्मे चर्चित व्यक्ति, प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन, युद्ध संधि, किसी देश की आजादी, नई तकनिकी का अविष्कार, सत्ता का बदलना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस के बारे में। आईए हिमाचल न्यूज़ में पढ़ें भारत और विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज 1 जून का इतिहास एवं घटनाक्रम।
1 जून की प्रमुख घटनाएं (What Happened on 1 June in History)
2001 में नेपाली राजपरिवार का दिल दहलाने वाला हत्याकांड, प्रिंस ने राजा-रानी समेत राजपरिवार के 9 लोगों की हत्या की
आज ही के दिन 2001 में नेपाल के क्राउन प्रिंस दीपेंद्र शाह ने अपने राजपरिवार के 9 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजपरिवार के मरने वालों में दीपेंद्र के पिता राजा बीरेंद्र, माता रानी ऐश्वर्या और शाही परिवार के 7 अन्य सदस्य शामिल थे। परिवार के लोगों की हत्या के बाद दीपेंद्र ने खुद को भी गोली मार ली थी।
1 जून की रात राजमहल में एक भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें कुछ चुनिंदा मेहमान ही मौजूद थे। इसी बीच नशे में धुत प्रिंस दीपेंद्र कमरे से बाहर आए और भोज में आए एक मेहमान से लड़ाई करने लगे। परिवार वालों ने बीच-बचाव करते हुए दीपेंद्र को अपने कमरे में भेज दिया। परिवार वालों को लगा कि दीपेंद्र कमरे में जाकर शांत हो जाएंगे, लेकिन अगले ही पल दीपेंद्र अपने साथ 3 बंदूकें लेकर कमरे से बाहर आए।
इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता दीपेंद्र ने बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और कुछ ही मिनटों में अपने ही परिवार के 9 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। पूरे हत्याकांड के बाद दीपेंद्र ने खुद को भी गोली मार ली। इस नृशंस हत्याकांड के बाद दीपेंद्र तीन दिन कोमा में रहे और 4 जून को उनकी मौत हो गई।
पसंद की लड़की से शादी न होने के लिए चलाई थी गोली? प्रिंस दीपेंद्र ने इंग्लैंड के एटन कॉलेज से पढ़ाई की थी। इस दौरान उनकी मुलाकात नेपाली नेता शमशेर जंग बहादुर राणा की बेटी देवयानी से हुई। कहा जाता है कि इंग्लैंड में ही दीपेंद्र और देवयानी एक दूसरे से प्यार करने लगे और शादी करना चाहते थे, लेकिन राजपरिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। महारानी चाहती थीं कि दीपेंद्र की शादी शाही परिवार में हो। जब दीपेंद्र ने अपनी पसंद से यानी देवयानी से शादी करने के लिए कहा तो महारानी नाराज हो गईं और साफ मना कर दिया। एक तरफ शादी को लेकर राजपरिवार और दीपेंद्र में दूरियां बढ़ने लगीं तो वहीं दूसरी ओर राजपरिवार से जुड़े फैसलों में भी दीपेंद्र की भागीदारी कम होने लगी। इससे दीपेंद्र की नाराजगी बढ़ने लगी जिसका अंजाम हत्याकांड के रूप में सामने आया।
1874: ईस्ट इंडिया कंपनी का औपचारिक अंत
यद्यपि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (सिपाही विद्रोह) के बाद 1858 में ही भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के हाथों में चला गया था, लेकिन ईस्ट इंडिया कंपनी एक व्यापारिक और नाममात्र की संस्था के रूप में बची रही। अंततः ब्रिटिश संसद द्वारा पारित ‘ईस्ट इंडिया कंपनी एबोलिशन एक्ट 1873’ के तहत 1 जून 1874 को इस कंपनी को पूरी तरह और कानूनी रूप से भंग कर दिया गया। इसके साथ ही भारत में एक युग का अंत हो गया।
1869: थॉमस अल्वा एडिसन को मिला था पहला पेटेंट
महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन को अपना पहला पेटेंट 1 जून 1869 को इलेक्ट्रिक वोट रिकॉर्डर के लिए मिला था। ये उनके साइंटिफिक करियर का पहला पेटेंट था। इस समय एडिसन की उम्र केवल 22 साल थी। इससे कुछ समय पहले ही उन्हें टेलीग्राफ ऑपेरटर की नौकरी से निकाला गया था। एडिसन अपने लिए कुछ काम की तलाश में थे तभी उन्होंने अखबारों में पढ़ा कि न्यूयॉर्क की स्टेट लेजिस्लेटर और वॉशिंगटन की सिटी काउंसिल के चुनावों के लिए ऑटोमैटिक बैलेट मशीन की तलाश की जा रही है। बस फिर क्या था, एडिसन काम पर लग गए।
पूरी दुनिया उन्हें इलेक्ट्रिक बल्ब के आविष्कार के लिए जानती है, लेकिन एडिसन मल्टी टैलेंटेड इंसान थे। फोनोग्राफ, कैमरा, टेलीफोन से लेकर बैटरी तक उन्हीं की देन है। 18 अक्टूबर 1931 को जब उनका निधन हुआ तब उनके नाम 1093 पेटेंट रजिस्टर्ड थे।
1929: बॉलीवुड ऐक्ट्रेस नरगिस का जन्म
आज ही के दिन 1929 में एक्ट्रेस नरगिस का जन्म हुआ था। महज 6 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकर उन्होंने फिल्मों में एंट्री ली। 40 और 60 के दशक के दौरान नरगिस ने राज कपूर के साथ कई फिल्मों में काम किया।
1957 में आई फिल्म ‘मदर इंडिया’ नरगिस के फिल्मी करियर में मील का पत्थर साबित हुई। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान सुनील दत्त ने नरगिस को आग से बचाया था। कहा जाता है कि इस घटना के बाद नरगिस ने सुनील दत्त को अपना जीवन साथी चुन लिया।
शादी के बाद नरगिस ने फिल्मों में काम करना कम कर दिया। 1967 में आई फिल्म ‘रात और दिन’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये पहली बार था जब किसी अभिनेत्री को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। वे राज्यसभा सदस्य भी रहीं और भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा। कैंसर की वजह से नरगिस की 3 मई 1981 को मौत हो गई थी।
1926: मर्लिन मुनरो का जन्म
आज ही के दिन 1926 में हॉलीवुड एक्ट्रेस मर्लिन मुनरो का जन्म हुआ था। अनाथ आश्रम में पली-बढ़ी मर्लिन ने अपने पड़ोसी जेम्स डोगर्टी से शादी कर ली लेकिन दोनों का रिश्ता ज्यादा दिन चला नहीं और दोनों अलग हो गए।
इसके बाद मर्लिन कैलिफोर्निया में एक कारखाने में नौकरी करने लगीं। उस वक्त फोटोग्राफर, डेविड कोनोवर कारखानों में काम करने वाली महिलाओं का काम दिखाने के लिए कुछ शूट कर रहे थे। वे मर्लिन की सुंदरता से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने अपनी कई तस्वीरों में उनका चेहरा इस्तेमाल किया। यहीं मर्लिन को अपना पहला बड़ा ब्रेक मिला। इसके बाद मर्लिन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा लेकिन मर्लिन का वैवाहिक जीवन खासा सफल नहीं हो पाया। उन्होंने 3 शादियां कीं लेकिन तीनों असफल रहीं।
सिर्फ 36 साल की उम्र में मुनरो अपने बेडरूम में मृत अवस्था में पाई गई थीं। उनकी मौत की वजह को लेकर अलग-अलग थ्योरी दी जाती हैं। ड्रग्स के ओवरडोज से लेकर हत्या और आत्महत्या तक को उनकी मौत की वजह बताया जाता है।
साभार: दैनिक भास्कर
1980: CNN का प्रसारण और 24-घंटे न्यूज़ का युग
अमेरिकी मीडिया मुग़ल टेड टर्नर ने 1 जून 1980 को केबल न्यूज़ नेटवर्क (CNN) की शुरुआत की। उस समय तक समाचार केवल दिन के कुछ निश्चित समय (बुलेटिन) पर ही टीवी पर आते थे। CNN दुनिया का पहला ऐसा टेलीविजन चैनल बना जिसने चौबीसों घंटे सिर्फ समाचार प्रसारित करने का कॉन्सेप्ट पेश किया। इसने वैश्विक पत्रकारिता के तरीके को हमेशा के लिए बदल दिया।
देश-विदेश में 1 जून को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है
1819: बंगाल में सेरमपुर कॉलेज की स्थापना हुई।
1835: एशिया के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में से एक, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में विधिवत रूप से अध्यापन कार्य शुरू हुआ।
1874: ब्रिटिश संसद द्वारा पारित एक अधिनियम के तहत भारत पर शासन करने वाली ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया।
1880: दुनिया में पहली बार सार्वजनिक टेलीफोन सेवा की शुरुआत हुई। अमेरिका के न्यू हेवन (कनेक्टिकट) में दुनिया में पहली बार सार्वजनिक पे-टेलीफोन (Pay-telephone) सेवा की शुरुआत हुई।
1930: भारत की पहली डीलक्स ट्रेन ‘डेक्कन क्वीन’ को बॉम्बे वीटी (वर्तमान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस) और पुणे के बीच शुरू किया गया।
1941: ब्रिटिश सेना ने इराक की राजधानी बगदाद पर कब्जा कर लिया।
1955: भारत में छुआछूत को खत्म करने के लिए ‘अस्पृश्यता (निरोधक) कानून’ प्रभाव में आया, जिसे बाद में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम नाम दिया गया।
1964: भारतीय मुद्रा में ‘नया पैसा’ शब्द से ‘नया’ हटाकर इसे केवल ‘पैसा’ कर दिया गया।
1965: जापान के फुकुओका क्षेत्र में कोयला खदान में विस्फोट होने से लगभग 250 लोगों की मौत।
1969: कनाडा में रेडियो और टीवी पर तम्बाकू उत्पाद और उनसे संबंधित विज्ञापनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया।
1979: रोडेशिया में 90 साल बाद अल्पसंख्यक गोरे लोगों के शासन का अंत हुआ था और घोषणा हुई थी कि अब देश को जिम्बाब्वे के नाम से जाना जाएगा।
1980: केबल न्यूज नेटवर्क (CNN) ने आज ही के दिन से 24 घंटे समाचारों का प्रसारण शुरू किया।
1992: भारत एवं इजरायल के बीच हवाई समझौता।
1996: एच डी देवगौड़ा भारत के 11वें प्रधानमंत्री बने।
1999: मध्य चीन के ह्यूबी प्रान्त में 770-256 ईसा पूर्व के तीन सौ प्राचीन क़ब्रों की खोज।
2005: अप्पा शेरपा ने माउंट एवरेस्ट की 15वीं बार सफल चढ़ाई की।
2006: चीन के दक्षिण पूर्वी जियांग्शी प्रान्त के शांगीपन गांव में आदि मानव का पदचिह्न मिला।
2009: एयर फ्रांस का एक विमान अटलांटिक महासागर में क्रैश हो गया। विमान में सवार सभी 228 यात्रियों की मौत हो गई।
2010: भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए बालाकृष्णन को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे मानवाधिकार आयोग के पहले दलित अध्यक्ष बने।
2010: अक्षरधाम आतंकी हमले के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। विशेष पोटा जज सोनिया गोकाणी की अदालत ने 2006 में इस मामले में तीन आरोपियों को फाँसी, एक को उम्रकैद, एक को 10 वर्षों की सज़ा और एक को पाँच वर्षों की सज़ा सुनाई थी। स्वामीनारायण संप्रदाय के गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर में सितंबर 2002 में दो आतंकियों के हमले में 33 लोग मारे गए थे।
2010: मध्य अमेरिका में ग्वाटेमाला में प्रशांत महासागर से आए उष्णकटिबंधीय तूफान अगाथा के कारण 150 लोगों की मृत्यु हो गई।
2014: नाइजीरिया में फुटबाल के मैदान में हुए ब्लास्ट में 40 लोगों की जान चली गई थी।
2017: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट से बाहर किया।
2025: थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री बनी मिस वर्ल्ड 2025. यह आयोजन हैदराबाद में हुआ था।
2025: इंडोनेशिया में एक बड़ा हादसा हुआ। खदान के ढह जाने के कारण 19 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई।
1 जून को जन्मे व्यक्ति (Born on 1 June)
1842: सत्येंद्रनाथ टैगोर– भारतीय सिविल सेवा (ICS) में चयनित होने वाले पहले भारतीय।
1945: चिमन सिंह यादव – भारतीय नौसेना में नाविक थे। उन्होंने सन 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया था। अपने कार्यों के लिए उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘महावीर चक्र’ और बांग्लादेश द्वारा ‘फ्रेंड्स ऑफ़ लिबरेशन वॉर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
1975: कर्णम मल्लेश्वरी – भारत की प्रसिद्ध भारोत्तोलक। 2000 में सिडनी में हुए ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी ने महिलाओं के 69 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच डाला। मल्लेश्वरी को 1995 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। 1996 में उन्हें ‘राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार’ तथा 1997 में ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया।
1985: दिनेश कार्तिक – भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर।
1 जून को हुए निधन (Died on 1 June)
1830: स्वामीनारायण– स्वामीनारायण संप्रदाय के संस्थापक।
1968: हेलेन केलर– विश्व प्रसिद्ध दृष्टिहीन-बधिर लेखिका और समाजसेवी।
1969: विलियम मैल्कम हेली – पंजाब, उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल। जब उनकी नियुक्ति भारत में हुई उस समय वे झेलम के कोलोनाइजेशन अधिकारी थे। 1912-1918 में दिल्ली के मुख्य आयुक्त रहे। 1919-1924 के मध्य वित्त तथा गृह विभाग की गवर्नर जनरल कार्यकारिणी परिषद के सदस्य रहे। 1924-1928 के मध्य पंजाब के राज्यपाल रहे। 1928 में वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त हुए और इस पद पर वे 1930 तक रहे। तत्पष्चात वे बेल्जियन, कांगो के लिए गठित आर्थिक मिशन के अध्यक्ष नियुक्त हुए। उनकी दो पुस्तकें- ऐन अफ्रीकन सर्वे एवं रोमेन्स लेक्चर्स प्रकाशित हुईं।
1996: नीलम संजीव रेड्डी – भारत के छठे राष्ट्रपति।
1987: ख़्वाजा अहमद अब्बास– प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और उर्दू लेखक। वे उन कुछ गिने चुने लेखकों में से एक थे, जिन्होंने मुहब्बत, शांति और मानवता का पैगाम दिया। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने ‘अलीगढ़ ओपिनियन’ शुरू किया। ‘बॉम्बे क्रॉनिकल’ में ये लंबे समय तक बतौर संवाददाता और फ़िल्म समीक्षक रहे। इनका स्तंभ ‘द लास्ट पेज’ सबसे लंबा चलने वाले स्तंभों में गिना जाता है। यह 1941 से 1986 तक चला। अब्बास इप्टा के संस्थापक सदस्य थे। इन्हें पद्म श्री, ग़ालिब पुरस्कार, फ़िल्म ‘नीचा नगर’ के लिए अंतरराष्ट्रीय कान्स फ़िल्म समारोह में पाल्मे डी’ओर पुरस्कार, फ़िल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
2010: बाल राम नंदा– नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय के संस्थापक निदेशक एवं महात्मा गाँधी पर कई किताबें लिख चुके इतिहासकार।
2020: वाजिद ख़ान – प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी ‘साजिद-वाजिद’ में से एक थे।
1 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव (Important events and festivities of 1 June)
अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस (International Day for Protection of Children)
अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष 1 जून को मनाया जाता है। यह दिवस सबसे पुराना अंतर्राष्ट्रीय उत्सव है जो 1950 से मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना है। रूस में आज के दिन अनाथ, विकलांग और ग़रीब बच्चों की समस्याओं की ओर विशेष रूप से लोगों का ध्यान खींचा जाता है। बच्चों को तोहफ़े दिए जाते हैं और उनके लिए विशेष समारोहों का आयोजन किया जाता है। रूस में अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस पहली बार सन 1949 में मनाया गया था। इसका निर्णय मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय महिला लोकतांत्रिक संघ की एक विशेष बैठक में किया गया था। 1 जून सन 1950 को दुनिया भर के 51 देशों में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस’ पहली बार मनाया गया था।
वैश्विक अभिभावक दिवस (Global Day of Parents)
दुनिया भर में माता-पिता के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और उनके समर्पण का सम्मान करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
विश्व दुग्ध दिवस (World Milk Day)
विश्व दुग्ध दिवस संपूर्ण विश्व में 1 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दूध के संबंध में ध्यान आकर्षित करना एवं दूध उद्योग से जुड़ी गतिविधियों के प्रचार-प्रसार के लिए अवसर प्रदान करना है। प्रथम विश्व दुग्ध दिवस 1 जून, 2001 को मनाया गया था।
प्रस्तुति
हिमाचल न्यूज़ रिसर्च डेस्क
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Posted By: Himachal News
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