1500 से अधिक पदों पर भर्ती, किसानों का 50फीसदी ब्याज चुकाएगी सरकार
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश की जनता, युवाओं और किसानों के लिए कई ऐतिहासिक और दूरगामी फैसले लिए गए हैं। सुक्खू सरकार ने जहां एक ओर विभिन्न विभागों में 1500 से अधिक पदों पर भर्ती को हरी झंडी देकर बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरियों के द्वार खोले हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों, आपदा प्रभावितों और छोटे ट्रैक्टर चालकों को बड़ी वित्तीय राहत दी है।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाते हुए कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग में 300 चिकित्सा अधिकारी, 250 चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्कर और 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को मंजूरी दी है। इसके साथ ही तकनीकी वर्ग में 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद भरे जाएंगे। भर्ती निदेशालय के तहत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पदों को सृजित कर तुरंत भरा जाएगा, जबकि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद भरे जाएंगे।
कर्मचारियों और अभ्यर्थियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने विभिन्न विभागों द्वारा पहले खारिज किए जा चुके करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर ‘एकमुश्त विशेष उपाय’ के तहत दोबारा जांच करने और नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रद्द किए गए 80 पोस्ट कोड के अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये का परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। अंशकालिक कर्मचारियों को सात वर्ष की सेवा पूरी करने पर दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा, कर्मचारियों को अध्ययन अवकाश पर पूर्ण वेतन मिलेगा और जॉब ट्रेनीज़ को 15 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को संबल देने के लिए सरकार ने एक अनूठी ‘कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना’ शुरू की है। इसके तहत जिन किसानों की जमीन नीलामी के कगार पर है, उनके 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर 50 प्रतिशत ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी, जिससे प्रदेश के 6,356 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। भूमिहीन और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए ‘नियमितीकरण नीति-2026’ को मंजूरी देकर भारत सरकार को भेजा गया है। वहीं, स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को बड़ी राहत देते हुए घरेलू खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कम्पाउंडिंग फीस 4500 रुपये से घटाकर मात्र 500 रुपये कर दी गई है।
कैबिनेट ने एक और बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, भंडारण और परिवहन को विनियमित करने के लिए एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख ‘हिमकेयर योजना’ को अब पूरी तरह बीमा मॉडल पर संचालित किया जाएगा, जिसके तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख और कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक कर दिया गया है।
प्राकृतिक आपदा और जनहित के मामलों पर कार्रवाई करते हुए शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों के लिए 84.70 लाख रुपये के विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के लिए प्रति परिवार 7 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। साथ ही, सोलन के ‘शूलिनी मेले’ को राष्ट्रीय दर्जा और काठगढ़ शिवरात्रि व छतराड़ी मां शिव शक्ति जातर मेले को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा दिया गया है।
अंत में, मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति के गठन का भी निर्णय लिया गया है।



