09 June 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप आज यानी 09 जून 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
ज्योतिषीय गणना: ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
तिथि: आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि (शाम 04:19 बजे तक, तत्पश्चात दशमी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (सुबह 06:14 बजे तक, तत्पश्चात रेवती नक्षत्र प्रारंभ)
योग: आयुष्मान (सुबह 09:21 बजे तक, फिर सौभाग्य योग)
करण: गर (शाम 04:19 बजे तक), फिर वणिज
दिन: मंगलवार
प्रविष्टे: 26 ज्येष्ठ
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:22 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:17 बजे
चन्द्रोदय: रात 01:14 बजे (10 जून की तड़के)
चन्द्रास्त: दोपहर 02:24 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा पूरे दिन-रात मीन राशि में संचार करेंगे। (सुबह 06:14 बजे उत्तराभाद्रपद समाप्त होने के बाद रेवती नक्षत्र शुरू होगा, जिससे आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा)।
सूर्य राशि: सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:50 से 04:36 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:48 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:38 से 03:33 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:16 से 07:38 बजे तक।
अमृत काल: आज रेवती नक्षत्र के चलते अमृत काल उपलब्ध नहीं है (सुबह 06:14 के बाद का समय शुभ कार्यों के लिए सामान्य रहेगा)।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: दोपहर 03:48 से सायं 05:32 बजे तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: प्रातः 08:51 से 10:35 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: प्रातः 08:08 से 09:03 बजे तक, एवं दोबारा रात 11:14 से 11:54 बजे तक।
भद्रा/पंचक: आज भद्रा देर रात (10 जून की तड़के) 04:36 बजे से शुरू होगी। विशेष ध्यान दें कि आज पूरे दिन ‘चोर पंचक’ का प्रभाव रहेगा, इसलिए पंचक के नियमों का पालन करें।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है और पूरा दिन मीन राशि के चंद्रमा तथा रेवती नक्षत्र के प्रभाव में रहेगा। मंगलवार का दिन होने के कारण आज का दिन संकटमोचन हनुमान जी की साधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है। आज रेवती नक्षत्र (जो कि बुध का नक्षत्र है) और मंगलवार का संयोग होने से कुंडली के मंगल और बुध जनित दोषों (जैसे वाणी दोष या भूमि-भवन संबंधी बाधाएं) की शांति होती है। आज ‘चोर पंचक’ होने के कारण यात्रा करते समय धन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज मंगलवार का दिन है (जो बल, बुद्धि और साहस के देव हनुमान जी को समर्पित है) और आज रेवती नक्षत्र का प्रभाव है, अतः जीवन के कष्टों से मुक्ति और ऋणों से निजात पाने के लिए आज ये विशेष उपाय करें:
हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक और सिंदूर: आज सुबह या शाम के समय हनुमान मंदिर जाएं और उनके सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान जी को सिंदूर और चांदी का वर्क अर्पित करें। इसके बाद वहीं बैठकर 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और अज्ञात भय दूर होता है।
सुंदरकांड का पाठ: यदि जीवन में शत्रु बाधा या कार्यों में लगातार रुकावटें आ रही हैं, तो आज मंगलवार को सूर्यास्त के बाद सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
मसूर की दाल का दान: आज के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या सफाईकर्मी को लाल मसूर की दाल, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करें। इससे कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है और कर्ज से मुक्ति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
सावधानी: आज मंगलवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि उत्तर दिशा की यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो आज सुबह घर से निकलने से पहले थोड़ा सा गुड़ खाकर, पानी पीकर और हनुमान जी का ध्यान करते हुए ही प्रस्थान करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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