25 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 25 जुलाई 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
25 July 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक सम्वत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम सम्वत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– श्रावण, अमांत– आषाढ़
तिथि: आषाढ़ मास (अमांत) के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि (दोपहर 01:05 बजे तक, तत्पश्चात द्वादशी तिथि प्रारंभ)
नक्षत्र: अनुराधा (शाम 04:18 बजे तक, तत्पश्चात ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ)
योग: सौभाग्य योग (रात 08:08 बजे तक, तत्पश्चात शोभन योग प्रारंभ)
करण: विष्टि/भद्रा (प्रातः 10:25 बजे तक), तत्पश्चात बव प्रारंभ।
दिन: शनिवार
प्रविष्टे: 10 श्रावण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: प्रातः 05:38 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:16 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 03:57 बजे
चन्द्रास्त: मध्यरात्रि (26 जुलाई रात 02:16 बजे)
चन्द्र राशि: चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेंगे।
सूर्य राशि: सूर्य देव कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:04 से 04:51 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:54 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 से 03:39 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:15 से 07:36 बजे तक।
अमृत काल: सुबह 07:22 से 08:58 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: प्रातः 09:03 से सुबह 10:45 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 02:09 से सायं 03:51 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 05:38 से 06:33 बजे तक, तथा इसके बाद सुबह 06:33 से 07:27 बजे तक।
भद्रा: प्रातः 10:25 बजे भद्रा समाप्त होगी (जो पूर्व रात्रि 11:15 बजे से प्रारंभ हुई थी)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
देवशयनी एकादशी (वैष्णव/पारण व व्रत पारण नियम): आज देवशयनी एकादशी का व्रत एवं पारण का मुख्य समय रहेगा। भक्त श्री हरि विष्णु की पूजा-अर्चना कर चातुर्मास के नियमों का संकल्प लेते हैं।
शनि प्रदोष/एकादशी संयोग: शनिवार का दिन होने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्ति का योग बन रहा है।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज शनिवार का दिन है और साथ ही देवशयनी एकादशी तथा द्वादशी का पावन योग है, इसलिए शनि दोष से मुक्ति, कार्यक्षेत्र में सफलता और भगवान विष्णु की असीम कृपा पाने के लिए आज पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। शाम के समय पीपल की परिक्रमा करें और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें। आज के दिन काले तिल, उड़द की दाल, या काले वस्त्रों का जरूरतमंदों को दान करना अत्यंत कष्ट निवारक और भाग्योदय कारक रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
प्रस्तुति: हिमाचल न्यूज़
हरि ॐ
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